Coronavirus News: भारत में कोरोना का खतरा, सीरम इंस्टीट्यूट मुफ्त देगा कोविशील्ड की दो करोड़ खुराक

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच केंद्र सरकार को कोविशील्ड टीके की दो करोड़ खुराक निशुल्क देने की पेशकश की है. सीरम इंस्टीट्यूट में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने 410 करोड़ रुपये मूल्य की खुराक निशुल्क देने की पेशकश की है.

चीन में कोरोना विस्फोट के बाद अब भारत में भी चौथी लहर की आशंका बढ़ गयी है. हालांकि कोरोना खतरे को देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अलर्ट मोड़ में आ गयी है और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने का निर्देश दे दिया है. इस बीच एक अच्छी खबर आ रही है कि सीरम इंस्टीट्यूट ने केंद्र सरकार को मुफ्त में कोविशील्ड वैक्सीन देने की घोषणा की है.

सरकार को दो करोड़ वैक्सीन मुफ्त देगा सीरम इंस्टीट्यूट

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच केंद्र सरकार को कोविशील्ड टीके की दो करोड़ खुराक निशुल्क देने की पेशकश की है. सीरम इंस्टीट्यूट में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर 410 करोड़ रुपये मूल्य की खुराक निशुल्क देने की पेशकश की है.

एसआईआई ने अब तक सरकार को दी कोविशील्ड की 170 करोड़ खुराक

मालूम हो एसआईआई ने अब तक राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए सरकार को कोविशील्ड की 170 करोड़ से अधिक खुराक प्रदान की है.

भारत में तेज हुई जीनोम सीक्वेंसिंग

चीन और दक्षिण कोरिया सहित कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है. भारत ने कोविड संक्रमित नमूनों की निगरानी और जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ा दिया है. केवल 27 प्रतिशत पात्र वयस्क आबादी ने एहतियाती खुराक ली है और सरकारी अधिकारियों ने इसे लेने के लिए लोगों से अपील की है.

भारत के लिए अगले 40 दिन बेहद खतरनाक

आधिकारिक सूत्रों आगाह किया कि अगले 40 दिन महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि भारत में जनवरी में कोविड संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा सकती है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अगर कोई लहर होती भी है, तो मृत्यु और अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम होगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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