कोरोना का खौफ: देशभर के टोलप्लाजा से अस्थायी तौर पर खत्म हुआ टोल, गडकरी ने किया ये बड़ा एलान

coronavirus: कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आपात सेवाओं के काम में लगे लोगों का काम आसान करने के लिए देश में अस्थायी तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नहीं लिया जाएगा.

coronavirus lockdown in india : भारत कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है. इसी क्रम में देश में 21 दिन का लॉडाउन घोषित किया गया है. यह लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा. इसी बीच देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आपात सेवाओं के काम में लगे लोगों का काम आसान करने के लिए देश में अस्थायी तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नहीं लिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए आदेश दिया जाता है कि देश के सभी टोल प्लाजा पर टोल लेने का काम बंद किया जाए. इससे आपात सेवाओं के काम में लगे लोगों को जरूरी समय बचाने में मदद मिलेगी.

मंत्री ने कहा कि सड़कों का प्रबंधन और टोल प्लाजा पर आपात संसाधन की मौजूदगी पहले की तरह ही रहेगी. इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सलाह दी थी कि वह देशव्यापी बंद के संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश का पालन करें. मौजूदा स्थिति को ‘अप्रत्याशित घटना’ के रूप में देखा जा सकता है. आपको बता दें कि भारत में अबतक इस वायरस की चपेट में आकर 10 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 562 लोग इससे संक्रमित हैं.

एडवांस राशन, अनुबंधित कर्मियों को पूरा वेतन

केंद्रीय कैबिनेट ने तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये किलो गेहूं पानेवाले देश के 80 करोड़ लाभुकों को एडवांस में तीन महीने का राशन देने का फैसला किया है. बुधवार को हुई बैठक के बाद केंद्रीय सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राज्यों को एडवांस राशन भेज रहे हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सभी कर्मियों के अलावा अनुबंध पर काम कर रहे कर्मियों को भी लॉकडाउन अवधि का पूरा वेतन मिलेगा.

डब्ल्यूएचओ ने मोदी के कदम को सराहा

संयुक्त राष्ट्र ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति एकजुटता जतायी है. संगठन की स्वास्थ्य एजेंसी, डब्ल्यूएचओ के एक शीर्ष अधिकारी ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निबटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिन के लॉकडाउन के कदम को ‘व्यापक और मजबूत’ बताते हुए उसकी प्रशंसा की.

कोरोना अपडेट

-बिहार में राशन कार्ड धारकों को दी जायेगी 1000 रुपये की मदद

-ओड़िशा स्वास्थ्य कर्मियों को देगा चार महीने का अग्रिम वेतन

-बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया छह माह के पैरोल पर रिहा

-यूपी में 21 दिन की लॉकडाउन अवधि में पान मसाला पर रोक

-मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन का निर्यात रुका

-गो एयर एयरलाइन के कर्मचारियों के मार्च के वेतन में होगी कटौती

-कांग्रेस ने की ‘न्याय’ योजना लागू करने की मांग, कहा : हर गरीब परिवार के खाते में दें 7,500 रुपये

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >