कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की भारी कमी, केंद्र ने बनायी ये योजना

Corona Cases And Medical Oxygen Crisis In Many States India देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. वहीं, कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी को लेकर लगातार शिकायतें भी आ रही है. दरअसल, कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि के बाद कई राज्यों में ऑक्सीजन की भारी कमी की बात सामने आ रही है. इस संबंध में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे समेत कई अन्य राज्यों की सरकारों की ओर से लगातार केंद्र से ऑक्सीजन की आपूर्ति किए जाने की मांग की जा रही है.

Corona Cases And Medical Oxygen Crisis In Many States India देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. वहीं, कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी को लेकर लगातार शिकायतें भी आ रही है. दरअसल, कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि के बाद कई राज्यों में ऑक्सीजन की भारी कमी की बात सामने आ रही है. इस संबंध में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे समेत कई अन्य राज्यों की सरकारों की ओर से लगातार केंद्र से ऑक्सीजन की आपूर्ति किए जाने की मांग की जा रही है.

देश के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी होने से अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, केंद्र सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए कई राज्यों से संपर्क किया है और एक दर्जन से अधिक राज्यों को तत्काल अधिक मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई करने का निर्णय लिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि केंद्र सरकार की बारह राज्यों के साथ बैठक के बाद जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग राज्यों को 6,177 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी.

बता दें कि देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ गयी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक महज कुछ ही घंटे का रह गया है. अन्य राज्यों से भी कुछ इसी तरह की बात बतायी जा रही है. कोरोना की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र ने केंद्र से मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने की मांग की थी. वहीं, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और देश की कई दूसरे राज्य भी ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे हैं. इन सबके बीच, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सेल, टाटा स्टील और आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया सहित कई कंपनियों ने देश में ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए मदद का हाथ बंटाया है.

इन सबके बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राजेश भूषण ने आज जानकारी देते हुए बताया कि देश में सक्रिय मामलों की संख्या 21,57,000 है और यह संख्या पिछले साल के हमारे अधिकतम संख्या के दो गुणा है. वहीं, रिकवरी दर 85 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.17 प्रतिशत है. राजेश भूषण ने बताया कि बीते वर्ष औसत सबसे ज्यादा मामले 94,000 प्रतिदिन के पास दर्ज किए गए थे. वहीं, इस बार पिछले 24 घंटों में 2,95,000 मामले दर्ज किए गए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि देश में 13 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं. पिछले 24 घंटों में लगभग 30 लाख वैक्सीन डोज दी गई हैं. राजेश भूषण ने बताया कि देश में लगभग 87 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी पहली डोज दी जा चुकी है. देश में 79 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर्स को पहली डोज मिल चुकी है.

Also Read: रेमेडिसिविर कोई मैजिक बुलेट नहीं, कोरोना की दूसरी लहर पर देश के तीन बड़े डॉक्टरों ने जानिए ऑक्सीजन लेवल को लेकर क्या कहा

Upload By Samir

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >