Cooperative: कॉपरेटिव क्षेत्र के विकास को लेकर प्रधानमंत्री ने की उच्च-स्तरीय बैठक

गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता क्षेत्र के विकास की समीक्षा को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक की. इस बैठक का मकसद सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने, सहकारिता क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए तकनीक अपनाने के साथ ही इस क्षेत्र से युवाओं और महिलाओं को जोड़ने पर विचार किया गया.

Cooperative: देश में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं. पहली बार सहकारिता मंत्रालय का गठन करने सहित पैक्स के आधुनिकीकरण को लेकर तेज गति से काम हो रहा है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता क्षेत्र के विकास की समीक्षा को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक की. इस बैठक का मकसद सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने, सहकारिता क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए तकनीक अपनाने और इस क्षेत्र से युवाओं और महिलाओं को जोड़ने पर विचार किया गया. साथ ही सहकारिता मंत्रालय के विभिन्न प्रयासों को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. 

आर्गेनिक उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर जोर 

बैठक में प्रधानमंत्री ने भारतीय सहकारिता क्षेत्र के विस्तार के लिए वैश्विक सहकारिता संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने और आर्गेनिक उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में इस क्षेत्र की भूमिका सुनिश्चित करने पर जोर दिया. साथ ही विदेशों में भारतीय कृषि उत्पाद की पहुंच बढ़ाने के लिए सहकारिता संगठनों को स्वाइल टेस्टिंग मॉडल तैयार करने को कहा. देश में सहकारिता संगठनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और यूपीआई को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने की वकालत की. इस बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, सहकारिता सचिव आशीष कुमार भूटानी, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा व शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. 

 
सतत कृषि विकास के लिए कॉपरेटिव कृषि मॉडल है जरूरी


प्रधानमंत्री ने कॉपरेटिव क्षेत्र की संपत्ति का डॉक्यूमेंटेशन करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा. सतत कृषि विकास के लिए कॉपरेटिव फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रयोग किया जाना चाहिए. कॉपरेटिव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, आईआईएम में कॉपरेटिव क्षेत्र को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए. साथ ही कॉपरेटिव संगठनों का क्षमता के आधार पर रैंकिंग तय होनी चाहिए. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को नेशनल कारपोरेशन पॉलिसी और मंत्रालय के अहम उपलब्धियों की जानकारी दी गयी. सहकार से समृद्धि का लक्ष्य हासिल करने के लिए मंत्रालय ने नेशनल कारपोरेशन पॉलिसी 2025 तैयार की.

इस नीति का मकसद कोऑपरेटिव सेक्टर का समग्र विकास करना है. मंत्रालय के गठन के बाद से सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए 60 से अधिक कदम उठाए गए है. इसके तहत नेशनल कॉपरेटिव डेटाबेस एंड कंप्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट के तहत सहकारिता संगठनों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है. इसके अलावा पैक्स को सशक्त बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए है. 

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