Monsoon Session Of Parliament संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआज 19 जुलाई से हो रही है. इसी के मद्देनजर लोकसभा में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने विशेष रणनीति बनाई है. संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को पार्लियामेंट स्ट्रेटजी ग्रुप की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में कांग्रेस ने संसद के मॉनसून सत्र के लिए 6 प्वाइंट एजेंडा (6 Points Agenda) रखा है. इसके तहत कांग्रेस संसद में कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन, पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि, मुद्रास्फीति, कोविड मैनेजमेंट, बेरोजगारी और बॉर्डर इशू को उठाएगी.
कांग्रेस के पार्लियामेंट स्ट्रेटजी ग्रुप (Parliamentary Strategy Group Meet) की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अन्य विपक्षी दलों के साथ कोऑर्डिनेट करेंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि संसद के दोनों सदनों के अंदर विपक्षी दलों के सभी सदस्य एक साथ इन मुद्दों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे. साथ ही सभी कांग्रेस सांसदों को अन्य दलों के साथ कोऑर्डिनेट करने को कहा गया है.
इसके साथ ही बैठक में सोनिया गांधी ने सभी पार्टी नेताओं को फ्लोर मैनेजमेंट पर जोर देने की बात कही है. इस दौरान विपक्षी दलों से बेहतर समन्वय बनाने पर भी ध्यान देने की बात की गयी है. बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस पार्टी का एक तरह का स्टैंड होने पर बल दिया है. कहा जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी चाहती हैं कि कांग्रेस संसद के मॉनसून सत्र में पूरे विपक्ष को एक साथ लेकर चले.
इस बैठक में कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटोनी, मनीष तिवारी, वेणुगोपाल, जयराम रमेश और अन्य नेता शामिल हुए.
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