सचिन पायलट ने बढ़ायी कांग्रेस की मुश्किलें, सीएम गहलोत पर कसा तंज, कहा- हर गलती सजा मांगती है

सचिन पायलट ने हाल में तीन मांगें रखी थीं, जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग करना और इसका पुनर्गठन, सरकारी नौकरी के लिये भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से प्रभावित युवाओं को मुआवजा देना और वसुंधरा राजे नीत पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराना शामिल है.

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा के गुर्जर छात्रावास में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उनके तेवर तीखे थे. इशारों-इशारों में उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर हमला किया. पायलट ने कहा, अगर हम गरीबों की मदद करें, तो केंद्र के नेता कहते हैं कि खजाने का दिवाला निकल जाएगा. जबकि यहां लोग कहते हैं, युवाओं की मदद की तो मानसिक दिवालियापन हो जाएगा. कुछ दिनों पहले पेपर पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग को गहलोत ने मानसिक दिवालियापन बता दिया था.

पायलट ने गहलोत पर खान आवंटन को लेकर भी निशाना साधा

सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर खान आवंटन को लेकर भी निशाना साधा. इसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का सहारा लिया. उन्होंने कहा, आपने खान आवंटित कर दी चोरी पकड़ी तो रद्द कर दी लेकिन आवंटन तो किया था ना. पायलट ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा, हर गलती की कीमत सजा मांगती है. दरअसल एक साक्षात्कार में कुछ दिनों पहले गहलोत ने कहा था कि खान दी गई थी, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. पायलट ने गहलोत के बयान को दोहराते हुए कहा, हर गलती की की कीमत सजा मांगती है.

पायलट बोले- न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे

सचिन पायलट ने कहा, जनता का विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है और वह उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे और अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे. पायलट राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर राज्य की वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पिछली सरकार के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में कथित निष्क्रियता को लेकर निशाना साधते रहे हैं.

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तीन मांगों पर अड़े सचिन पायलट

सचिन पायलट ने हाल में तीन मांगें रखी थीं, जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भंग करना और इसका पुनर्गठन, सरकारी नौकरी के लिये भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से प्रभावित युवाओं को मुआवजा देना और वसुंधरा राजे नीत पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराना शामिल है.

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नहीं थम रहा विवाद

राजस्थान कांग्रेस में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच लगातार विवाद हराता जा रहा है. हालांकि, कांग्रेस ने विश्वास जताया है कि राजस्थान में पार्टी के भीतर कलह का एक सकारात्मक समाधान निकाल लिया जाएगा और सचिन पायलट द्वारा एक नयी पार्टी बनाने की खबरों को खारिज किया था. गौरतलब है कि वर्ष 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है. साल 2020 में सचिन पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के पद से हटा दिया गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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