चीन दो बार कर चुका है नापाक कोशिश, भारतीय सेना ने दिया करारा जवाब, जानें कब और कैसे हुआ खुलासा

भारत और चीन के बीच विवाद जारी है. कई बार सीमाओं से झड़प की खबरें सामने आती रहती है. ऐसे में अब खबर यह मिल रही है कि चीनी सैनिकों ने सितंबर 2021 और नवंबर 2022 में के बीच कम-से-कम दो बार भारतीय सेना की चौकियों पर हमला करने और कब्जा करने की कोशिश थी.

India-China Relation : भारत और चीन के बीच विवाद जारी है. कई बार सीमाओं से झड़प की खबरें सामने आती रहती है. ऐसे में अब खबर यह मिल रही है कि चीनी सैनिकों ने सितंबर 2021 और नवंबर 2022 में के बीच कम-से-कम दो बार भारतीय सेना की चौकियों पर हमला करने और कब्जा करने की कोशिश थी. हालांकि, भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था. इस खुलासे में यह जानकारी निकलकर सामने आई है कि चीनी सैनिकों के द्वारा भारतीय सीमाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी जिसके जवाबी कार्रवाई में दोनों के बीच झड़प हुई थी. ये जानकारी तब मिली जब पिछले सप्ताह भारतीय सेना द्वारा एक समारोह का आयोजन किया गया था और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया.

मई 2020 से ही गतिरोध चल रहा

दोनों देशों के बीच मई 2020 से ही गतिरोध चल रहा है. जारी वीडियो में बताया गया है कि कैसे भारतीय सैनिकों ने एलएसी पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के आक्रामक व्यवहार का दृढ़ता से जवाब दिया था. आपको जानकारी हो कि सेना की पश्चिमी कमान ने अपने यूट्यूब चैनल पर 13 जनवरी के समारोह का एक वीडियो अपलोड किया था. हालांकि, बाद में इसे हटा दिया गया. सेना की पश्चिमी कमान का मुख्यालय चंडीमंदिर में है. हालांकि, इस मामले पर सेना की ओर से कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है.

LAC पर बहुत हाई-लेवल युद्ध की तैयारी!

जानकारी हो कि, जून 2020 में गलवान घाटी में झड़प के बाद से ही भारतीय सेना 3,488 किमी लंबी LAC पर बहुत हाई-लेवल युद्ध की तैयारी पर है. मई 2020 में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के भड़कने के बाद पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच एलएसी पर झड़प की कई घटनाएं हुईं. चीनी सैनिकों ने एलएसी के तवांग सेक्टर में भी घुसपैठ की कोशिश की.

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राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना के चार दिन बाद संसद में कहा कि 9 दिसंबर, 2022 को पीएलए सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में एलएसी का उल्लंघन करने की कोशिश की थी. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा था कि चीनी प्रयास का भारतीय सैनिकों ने दृढ़तापूर्वक और दृढ़ तरीके से मुकाबला किया था और उनका मुंहतोड़ जवाब दिया था. रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि चीनी अतिक्रमण के प्रयास का दृढ़ता से जवाब देने वाली टीम का हिस्सा रहे कई भारतीय सेना कर्मियों को भी अलंकरण समारोह में वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

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लेखक के बारे में

By Aditya kumar

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