केंद्र सरकार बड़ा फैसला, उपासना स्थलों वाले एएसआई के 820 स्मारकों को खोलने की मिली मंजूरी

केन्द्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सोमवार से उपासना स्थलों वाले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित 820 स्मारकों को फिर से खोलने की मंजूरी दे दी है.

केन्द्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने रविवार को कहा कि उनके मंत्रालय ने सोमवार से उपासना स्थलों वाले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित 820 स्मारकों को फिर से खोलने की मंजूरी दे दी है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ऐसे करीब 65 स्मारक खोले जाने की संभावना नहीं हैं.

संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई द्वारा संरक्षिक 3,000 से अधिक स्मारकों में से केवल उन स्मारकों को खोलने का फैसला किया है जहां धार्मिक आयोजन होते हैं, जैसे कि हौज खास एन्क्लेव में नीला मस्जिद, कुतुब पुरातात्विक क्षेत्र और पुरानी दिल्ली में लाल गुंबद.

उन्होंने कहा कि स्मारक के अधिकारी कोरोना वायरस से संबंधित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे. मंत्री ने ट्वीट किया, ”आज संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित 820 सक्रिय गतिविधियों वाले स्मारकों को आठ जून से खोलने की स्वीकृति दी है. गृह एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पालन हो यही अपेक्षा है.

” एएसआई द्वारा संरक्षित 3,691 स्मारक और स्थल कोविड-19 के चलते 17 मार्च से बंद हैं. सूत्रों ने कहा कि इन स्थलों पर आगंतुकों के लिए ई-टिकट और मास्क पहनना अनिवार्य किया जा सकता है. अधिकारियों ने कहा कि सोमवार से खोले जाने वाले एएसआई स्मारकों में उत्तरी क्षेत्र से 114, मध्य क्षेत्र से 155, पश्चिमी क्षेत्र से 120, दक्षिणी क्षेत्र से 279 और पूर्वी क्षेत्र से लगभग 100 स्मारक शामिल हैं. ऐसे सबसे अधिक स्मारक बड़ोदरा (77) में हैं.

इसके बाद चेन्नई में ऐसे 75, धारवाड़ में 73 और बेंगलुरु में 69 स्मारक हैं. राज्यवार बात करें तो उत्तर प्रदेश में ऐसे 111 और महाराष्ट्र में 65 स्मारक हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश में 60 स्मारक हैं.

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