Caste Census: कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज, आनंद शर्मा ने जाति जनगणना पर नाराजगी जताई, खरगे को लिखा खत

Caste Census: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने जाति जनगणना को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने राहुल गांधी के बयान का विरोध करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को खत लिखा है.

Caste Census: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में कहा, मेरे विचार में जाति जनगणना रामबाण नहीं हो सकती और न ही बेरोजगारी और प्रचलित असमानताओं का समाधान हो सकती है. मेरी विनम्र राय में इसे इंदिरा जी और राजीव जी की विरासत का अनादर करने के रूप में गलत समझा जाएगा.

जाति जनगणना पर सवाल उठाने वाले आनंद शर्मा के पत्र पर कांग्रेस सांसद डॉ सैयद नसीर हुसैन ने कहा, न जात पर और न पात पर, मुहर लगेगा हाथ पर. उन्होंने आगे कहा, हम अपनी नीतियों के आधार पर वोट मांगते हैं. पार्टी सभी लोगों के साथ खड़ी है. कांग्रेस पार्टी सभी भारतीय की है. जाति जनगणना के आधार पर हम सभी वर्गों के लिए नीतियां बना सकेंगे. जाति-आधारित राजनीति पर हमने ऐसा कुछ नहीं किया है. आनंद शर्मा की चिट्ठी पर उन्होंने कहा, पार्टी में सभी मुद्दों पर चर्चा करने का लोकतंत्र है. सभी अपनी बातें खुलकर रख सकते हैं.

राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लेकर केंद्र पर बोला हमला

दरअसल आनंद शर्मा ने अपनी चिट्ठी में राहुल गांधी के बयानों का विरोध किया है. जिसमें राहुल गांधी लगातार जाति जनगणना की बात करते हैं और इसको लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं. राहुल गांधी ने वादा भी किया है कि अगर केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनती है, तो जाति जनगणना होगी.

आनंद शर्मा के पत्र पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, आनंद शर्मा एक वरिष्ठ नेता हैं. वह सीडब्ल्यूसी के सदस्य भी हैं. इसलिए अगर वह कुछ भी चर्चा करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के पत्र पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कांग्रेस खुद ही कांग्रेस को बेनकाब कर रही है और गांधी-वाड्रा को आईना दिखा रही है और उन्हें उनका असली चेहरा और पाखंड दिखा रही है.. केवल कुछ वोटों के लिए देश को विभाजित करने के लिए, जिसके लिए वे कभी प्रतिबद्ध नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा, जाति जनगणना को पंडित नेहरू ने रोक दिया था, मंडल आयोग ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का विरोध किया था.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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