वीडियो वायरल: यूपी के मिर्जापुर में कुत्ते के काटने के बाद भौंकने लगा किशोर, डॉक्टर बोले- रेबीज के लक्षण

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से 15 साल के एक लड़के का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में लड़का कुत्ते की तरह भौंकता नजर आ रहा है. और उसके मुंह से लगातार लार और पानी टपक रहा है, जानिए पूरा मामला .

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में करन (15) के रेबीज से संक्रमित होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. वायरल वीडियो के मुताबिक, कछवा थाना क्षेत्र के जोगीपुरवा गांव निवासी करन को दिसंबर 2025 में एक कुत्ते ने काट लिया था. इलाज के दौरान उसे एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी खुराक नहीं मिल पाई. इसके बाद उसमें रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे और वह कुत्ते की तरह भौंकने लगा. डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि उसे कुछ समय के लिए अलग और शांत जगह पर रखें, ताकि उसके शांत होने के बाद इलाज किया जा सके.

चार महीने बाद बिगड़ी हालत

करीब चार महीने बाद करण की तबीयत अचानक खराब होने लगी. उसे पानी पीने में परेशानी होने लगी और मुंह से लगातार लार टपकने लगी. हालत बिगड़ने पर वह कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा. डॉक्टरों ने इसे रेबीज के गंभीर लक्षण माना और उसकी हालत बेहद नाजुक बताई.

22 दिन चला इलाज

करन को अस्पताल में भर्ती कर गहन चिकित्सा दी गई. करीब 22 दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हुआ. राहत की बात यह है कि किशोर पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुका है और अब दोबारा स्कूल भी जाने लगा है.

यूपी में दुर्लभ रिकवरी

रेबीज के इस एडवांस स्टेज से ठीक होने का यह उत्तर प्रदेश में पहला मामला माना जा रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्ते के काटने के बाद समय पर पूरा एंटी-रेबीज टीकाकरण बेहद जरूरी है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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