BJP: दिल्ली चुनाव में ब्रांड योगी का बड़े पैमाने पर प्रयोग करेगी भाजपा

दिल्ली चुनाव में सबसे अधिक नजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों को लेकर है. भाजपा, ब्रांड मोदी और ब्रांड योगी के जरिये दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में हैं. दिल्ली चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अगर किसी नेता की सबसे ज्यादा मांग है तो वह हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.

BJP: दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी को हराने के लिए भाजपा के बड़े नेता चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल्ली में तीन रैली प्रस्तावित है. इसके अलावा गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार में शिरकत करेंगे. लेकिन दिल्ली चुनाव में सबकी नजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों को लेकर है. भाजपा ब्रांड मोदी और ब्रांड योगी के जरिये दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में हैं. दिल्ली चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अगर किसी नेता की सबसे अधिक मांग है तो वह हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक योगी आदित्यनाथ दिल्ली में लगभग दर्जन भर रैलियों को संबोधित कर सकते हैं. 

हर जिले में योगी की रैली कराने का प्रयास

भाजपा की कोशिश दिल्ली के हर जिले में योगी की एक रैली कराने की है. दिल्ली के किराड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली रैली होने वाली है. महाराष्ट्र और हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में योगी की रैलियों का फायदा पार्टी काे हो चुका है. बेबाक बयान और कुशल प्रशासक के तौर पर छवि बना चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के दिल्ली के रण में उतरने से भाजपा को सियासी लाभ मिलने की संभावना है. पार्टी का मानना है कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का भी दिल्ली चुनाव में फायदा मिल सकता है. महाकुंभ के आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने भव्य तैयारी की है और हर राज्य के लोग इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं और इसका लाभ भाजपा को मिलने की संभावना है.

पूर्वांचली मतदाताओं को साधने पर है फोकस


दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है. भाजपा का मानना है कि योगी आदित्यनाथ की रैली से मतदाताओं पर असर पड़ना तय है. योगी आदित्यनाथ एक ब्रांड बन गए हैं और देश में उनके गवर्नेंस मॉडल की काफी चर्चा होती है. योगी आदित्यनाथ हिंदुत्व के सबसे बड़े पैरोकार है. चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल रहे हैं. केजरीवाल ने पुजारियों और ग्रंथियों को चुनाव जीतने पर 18 हजार रुपये महीने सम्मान राशि देने का वादा किया है. ऐसे में योगी आदित्यनाथ हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव की तरह दिल्ली में बटेंगे तो कटेंगे, एक हैं तो सेफ है का नारा बुलंद कर केजरीवाल की सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति को कमजोर कर सकते हैं. यही नहीं सपा और केजरीवाल के संबंधों पर भी योगी करारा प्रहार कर केजरीवाल को कटघरे में खड़ा कर सकते हैं. 

भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में मिलेगी मदद

पार्टी का मानना है कि योगी के चुनाव रण में उतरने से दिल्ली में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में मदद मिलेगी. पार्टी का मानना है कि योगी आदित्यनाथ पूरे देश में एक ब्रांड है. खासकर पूर्वांचली मतदाताओं को रिझाने में उनकी खास भूमिका साबित होगी. महाकुंभ में दिल्ली से जाने वाले लोग वहां की व्यवस्था से खुश होकर जिस तरह से लौट रहे हैं, उसका भी फायदा पार्टी काे मिलेगा. भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय मंत्रियों की विशेष टीम को तैनात किया है. केंद्रीय मंत्रियों को दो विधानसभा सीट की जिम्मेदारी मतदान के दिन तक के लिए सौंपी गयी है. भाजपा दिल्ली में लगभग तीन दशक से सत्ता से बाहर है और पार्टी को उम्मीद है कि इस बार उनका वनवास खत्म होने वाला है. 

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