BJP: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. भाजपा को पश्चिम ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है, जबकि असम में पार्टी तीसरी बार सत्ता में बड़े बहुमत से सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही. वहीं तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने सबको चौंकाते हुए बड़ी जीत हासिल की और केरलम में कांग्रेस समर्थित यूडीएफ 10 साल बाद सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही. चुनाव परिणाम के बाद नयी सरकार के गठन की कवायद तेज हो गयी है. सबकी निगाहें पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री को लेकर है. भाजपा में इस लेकर मंथन शुरू हो गया है.
पश्चिम बंगाल में जीत की पटकथा लिखने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह पर्यवेक्षक होंगे. असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक होंगे.
सोच-समझकर नेता का होगा चयन
भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल की जीत वैचारिक जीत है और ऐसे में पार्टी ऐसे नेता को राज्य का कमान सौंपने पर विचार कर रही है, जो कानून-व्यवस्था को बेहतर करने के साथ विकास की गति को रफ्तार दे सके और पार्टी के सिद्धांतों को मजबूती से आगे बढ़ाने में सक्षम हो. भाजपा का मानना है कि पश्चिम बंगाल का राजनीतिक मिजाज दूसरे राज्यों से अलग है और लंबे समय तक शासन करने के लिए उसे अलग सोच के साथ राज्य में आगे बढ़ना होगा. इसे लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन शुरू हो गया है. मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य और अन्य नेताओं के साथ मंथन किया. इसके अलावा देर शाम विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी,
महासचिव सुनील बंसल, चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और अन्य नेताओं की अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ अहम बैठक होगी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महासविच बीएल संतोष और अन्य नेताओं के साथ अहम बैठक हो सकती है. इस बैठक में विधायक दल के नेता और संभावित मंत्रियों के नाम पर चर्चा होने की संभावना है. ऐसी खबर है कि गुरु रबींद्र नाथ टेगौर के जन्मदिन 9 मई को भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है.
