चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ ने मचाया तांडव, दो की मौत, देखें तस्वीर

Biporjoy Cyclone : बिपरजॉय तूफान ने गुरुवार शाम को गुजरात में दस्तक दे दी. सौराष्ट्र और कच्छ से टकराने से पहले कच्छ में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गयी. हालांकि, तूफान के प्रभाव के कारण गुजरात के तटीय इलाकों में बुधवार से ही भारी बारिश देखी गयी जो अब भी जारी है.

सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में तबाही मचाने वाले चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ की तीव्रता गुजरात के तटीय इलाकों में पहुंचने के कुछ घंटों बाद कम हो गयी जिससे यह ‘बेहद गंभीर’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गयी है.

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया है और यह कमजोर पड़ चुका है. शाम तक यह दक्षिण राजस्थान के ऊपर दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा.

चक्रवात के कारण तेज हवाएं चलने और भारी बारिश से बड़ी संख्या में पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ गये और समुद्र का जल निचले इलाके के गांवों में भर गया जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया.

तेज बारिश के बीच भावनगर में एक उफनते नाले में फंसी अपनी बकरियों को बचाते समय एक व्यक्ति और उसके बेटे की जान चली गयी. तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ गिर गये, संचार टावर क्षतिग्रस्त हो गए और धूल भरी आंधी चलने से कुछ क्षेत्रों में विजिबिलिटी जीरो हो गयी. तेज हवाओं से बिजली के तार और खंभे टूट गए जिससे मालिया तहसील के 45 गांवों में बिजली गुल हो गयी.

चक्रवात के मद्देनजर कई जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की कई टीम तैनात हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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