बिलकिस बानो मामला: दुष्कर्मियों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से मांगा जवाब

बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है. गौर हो कि गुजरात सरकार ने पहले सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि बिल्कीस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले में 11 दोषियों को माफी देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिली थी. जानें कोर्ट ने क्या कहा

सामूहिक बलात्कार मामले में 11 दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने वाली बिलकिस बानो की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने गुजरात सरकार को दोषियों की सजा में छूट संबंधी फाइल के साथ 18 अप्रैल को तैयार रहने के आदेश दिये हैं.

राज्य सरकार के फैसले को चुनौती

सप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान सामूहिक बलात्कार की शिकार बिलकिस बानो की उस याचिका पर सोमवार को केंद्र, गुजरात सरकार एवं अन्य से जवाब तलब किया, जिसमें उन्होंने दोषियों को समय-पूर्व रिहा किये जाने के फैसले को चुनौती दी है. गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आगजनी की घटना के बाद भड़के दंगे के दौरान बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गयी थी. बानो ने इस मामले में दोषी ठहराये गये 11 अपराधियों की बाकी सजा माफ किये जाने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी है.

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कानून के विभिन्न पहलुओं पर विचार

न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख मुकर्रर करते हुए कहा कि इसमें कई मुद्दे समाहित हैं और इस मामले को विस्तार से सुनने की आवश्यकता है. शीर्ष अदालत ने केंद्र, गुजरात सरकार और दोषियों को नोटिस जारी किये. पीठ ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई के दौरान दोषियों की शेष सजा माफ किये जाने के फैसले के संबंध में प्रासंगिक फाइल के साथ मौजूद रहे. न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह इस मामले में भावनाओं के साथ सुनवाई के बजाय कानून के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगा.

क्‍या है मामला

उल्लेखनीय है कि 21 वर्षीय बिलकिस बानो से गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद हुए दंगों के दौरान सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसकी तीन साल की बेटी समेत परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गयी थी. घटना के वक्त वह पांच महीने की गर्भवती थी. इसके बाद सभी 11 दोषी गोधरा उप-कारागार में बंद थे और पिछले साल 15 अगस्त को उन सब को रिहा कर दिया गया था.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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