Bhojpuri: विश्व भोजपुरी सम्मेलन का हुआ आगाज

देश-विदेश में 20 करोड़ लोग भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े हुए है. लोगों की मांग के बावजूद इसे आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा रहा है. यह भोजपुरी भाषी लोगों की पुरानी मांग है, जिसे सरकार को जल्द से जल्द स्वीकार करना चाहिए.

Bhojpuri: भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से हो रही है. इस मांग को लेकर पूर्वांचल एकता मंच की ओर से दिल्ली के द्वारका स्थित दादा देव मेला ग्राउंड में विश्व भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन शनिवार को शुरू हुआ. इस दो दिवसीय आयोजन में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद शामिल हुए. इस दौरान दो पुस्तक ‘भोजपुरिया अमन’ और ‘रेड’ लाइट’ का विमाेचन किया गया. पूर्वांचल  एकता मंच का कहना है कि देश-विदेश में 20 करोड़ लोग भोजपुरी साहित्य और संस्कृति से जुड़े हुए है. लोगों की मांग के बावजूद इसे आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा रहा है, जिसे जल्द से जल्द शामिल किया जाना चाहिये.


 इस दौरान छठ पर्व को लेकर कलाकारों ने प्रस्तुति पेश की. इस प्रस्तुति में छठ पर्व की महत्ता और प्रकृति के प्रति सोच को बताया गया है. देर शाम कवि सम्मेलन और साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. साहित्यिक संगोष्ठी में भोजपुरी भाषा की महत्ता और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर विद्वानों ने अपनी बात रखी. 


जनभावना का आदर करे सरकार

पूर्वांचल एकता मंच का कहना है कि भोजपुरी साहित्य काफी समृद्ध है. बिहार, उत्तर प्रदेश और कई देशों में इस भाषा को बोलने वाले लोग है. विभिन्न सरकारों ने भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग का समर्थन किया है. लेकिन अब तक इस दिशा में सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है. रविवार को समापन कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी शामिल होंगी.

इस दौरान बटोहिया बैले ग्रुप, वीर कुंवर सिंह गाथा, गोड़ऊ नाच, डफरा का नाच, सिंगा वादन, भोजपुरी नाटक का मंचन होगा. गौरतलब है कि पूर्वांचल एकता मंच विश्व भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन वर्ष 2000 से कर रहा है.  

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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