मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के घर पर ED रेड

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार 9 सितंबर को कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली के बेंगलुरु स्थित आवास पर छापेमारी की.

सतीश जारकीहोली 2013 से 2016 के बीच कर्नाटक के एक्साइज मिनिस्टर रहे हैं. जारकीहोली परिवार का चीनी और शराब इंडस्ट्री में बड़ा नाम है. कुल 18 ठिकानों पर छापेमारी की गई है, सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली चिक्कोडी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की सांसद हैं.


सतीश जारकीहोली के खिलाफ मामला दर्ज

The Hindu अखबर में छपी खबर के अनुसार EDने यह जानकारी दी है कि सतीश जारकीहोली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ED ने मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी बेटी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है. हालांकि इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि जहां ईडी की छापेमारी हो रही है, वहां सतीश जारकीहोली मौजूद हैं या नहीं.

एक्साइज मामले से अलग है यह केस

ED की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जारकीहोली के खिलाफ जो छापेमारी हो रही है वह एक्साइज मामले से संबंधित नहीं है. यह एक नया मामला है, जिसमें छापेमारी की कार्रवाई की गई है. अबतक जो सूचना सामने आई है उसके अनुसार सतीश जारकीहोली के बेंगलुरु, बेलगावी और गोकक स्थित घरों के अलावा दूसरी जगहों पर भी रेड चल रही है. उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और जारकीहोली परिवार से जुड़े बिज़नेस समेत कुल 18 जगहों पर भी रेड की जा रही है.

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By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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