Sheikh Hasina: शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने के बांग्लादेश के अनुरोध पर भारत की प्रतिक्रिया, विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

Sheikh Hasina: भारत ने बुधवार को कहा कि वह बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित किए जाने के अनुरोध पर गौर कर रहा है और वह उस देश के लोगों के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. शेख हसीना को पिछले सप्ताह ढाका में एक विशेष न्यायाधिकरण की ओर से मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी.

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बांग्लादेश की अपील का भारत ने जवाब दिया है. भारत सरकार बांग्लादेश के अनुरोध की कानूनी और न्यायिक समीक्षा कर रही है. बुधवार को  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शेख हसीना को प्रत्यर्पित किए जाने के बांग्लादेश के अनुरोध पर गौर किया जा रहा. अवामी लीग की नेता शेख हसीना पिछले साल जबरदस्त विरोध प्रदर्शनों के बाद पांच अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं. उसके बाद से वो लगातार भारत में रह रही हैं.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा- इस अनुरोध पर न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत गौर किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि हम बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता समेत लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम इस संबंध में सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखेंगे.

शेख हसीना को मिली है मौत की सजा

बीते सप्ताह बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई थी. जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और हत्याओं के मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई है. बीते सोमवार को जस्टिस मोहम्मद गोलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली ICT ने यह फैसला सुनाया था. 453 पन्नों के फैसले में शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराया गया.

भारत में रह रही हैं शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बीते एक साल से ज्यादा समय से भारत में रह रही है. हाल के दिनों में उनके प्रत्यर्पण का मामला जोर पकड़ने लगा है. बीते हफ्ता इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल की ओर से सजा सुनाये जाने के बाद बांग्लादेश भारत से लगातार उन्हें वापस भेजने की मांग कर रहा है. मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच यह प्रत्यर्पण अनुरोध कई स्तरों पर काफी अहम माना जा रहा है. 

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Author: Pritish Sahay

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