नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि बलवंत सिंह राजोआना को मिली मौत की सजा के खिलाफ दायर दया याचिका की जांच की जा रही है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर फैसला लेने के लिए दो सप्ताह का समय केंद्र को दिया है.
मालूम हो कि साल 1995 में पंजाब पुलिस के पूर्व कांस्टेबल बलवंत सिंह राजोआना ने पंजाब सचिवालय के समक्ष धमाके में शामिल होने का दोषी ठहराया गया था. इस हादसे में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत की हो गयी थी.
पंजाब के मुख्यमंत्री की हत्या में दोषी करार दिये जाने के बाद बलवंत सिंह राजोआना ने मौत की सजा बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. मालूम हो कि बलवंत सिंह पिछले 25 साल से जेल में कैद है और उसकी दया याचिका पिछले नौ साल से लंबित है.
मामले की सुनवाई कर रही प्रधान न्यायाधीश एस आर बोबडे, न्यायमूर्ति एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन की पीठ से केंद्र सरकार की पैरवी कर रहे सॉलिसीटर तुषार मेहता ने तीन सप्ताह का समय मांगा.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में 26 जनवरी तक फैसला करने को कहा था. आज 25 जनवरी है. हालांकि, पीठ ने याचिका के निबटारे के लिए केंद्र सरकार को आखिरी मौका देते हुए दो सप्ताह का समय दे दिया.
