Arvind Kejriwal की पत्नी सुनीता केजरीवाल को नहीं दी गई आमने-सामने मुलाकात की इजाजत, AAP का आरोप-जेल में हो रहा अमानवीय व्यवहार

Arvind Kejriwal : अरविंद केजरीवाल के साथ तिहाड़ जेल में अमानवीय व्यवहार हो रहा है, इस तरह का व्यवहार अपराधियों के साथ भी नहीं होता है. यह आरोप संजय सिंह ने लगाया है.

Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल के अंदर केंद्र सरकार और पीएम मोदी के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है. यह आरोप आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने शनिवार को लगाया. संजय सिंह ने कहा कि जेल के अंदर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को उनसे आमने-सामने मिलने की इजाजत नहीं दी गई. यह बहुत ही अमानवीय है.

केजरीवाल को न्यूनतम अधिकारों से वंचित किया जा रहा

संजय सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि तीन बार प्रचंड बहुमत से चुने गए दिल्ली के मुख्यमंत्री से जिस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, वह तिहाड़ जेल के इतिहास में कभी नहीं हुआ था. जेल में बंद केजरीवाल को उनके न्यूनतम अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. संजय सिंह ने कहा कि जेल मैन्युअल यह कहता है कि किसी को भी जेल प्रशासन फेस टु फेस मुलाकात करा सकता है, लेकिन अरविंद केजरीवाल को इस अधिकार से वंचित किया गया और उन्हें अपनी पत्नी से आमने-सामने मिलने नहीं दिया गया.

सुनीता केजरीवाल को नहीं दी गई फेस टु फेस मुलाकात की इजाजत

ज्ञात हो कि जब अरविंद केजरीवाल की पत्नी ने उनसे मिलने के लिए आवेदन डाला, तो उनसे जेल प्रशासन ने यह कहा कि वे उनसे फेस टु फेस नहीं मिल सकती हैं, लेकिन उन्हें खिड़की के जरिए मिलने की इजाजत दी गई. संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस तरह का अमानवीय व्यवहार सिर्फ और सिर्फ अरविंद केजरीवाल के मनोबल को तोड़ने और प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह रहा हूं कि एक अपराधी को भी जेल में फेस टु फेस मिलने की इजाजत दी जाती है, लेकिन तीन बार के मुख्यमंत्री को खिड़की के जरिए पत्नी से मिलने दिया जा रहा है, जिसमें शीशा लगा हुआ है.

नरेंद्र मोदी कर रहे तानाशाह बनने की कोशिश

संजय सिंह ने कहा कि जेल प्रशासन तो मोहरा हैं, उन्हें भारत सरकार की ओर से इस तरह के आदेश दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से यह गुजारिश कर रहा हूं कि वे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से उनके अधिकार ना छीने, जो उन्हें संविधान ने दिए हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तानाशाह बनने की कोशिश प्रधानमंत्री ना करें. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला मामले में ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. एक अप्रैल से वे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं. बीजेपी अरविंद केजरीवाल से लगातार नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांग रही है, लेकिन आप का कहना है कि केजरीवाल को किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है, इसलिए वे जेल से भी अपना काम करेंगे.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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