Viral Video: 'हमें चाइनीज मत कहो, हम भारतीय हैं': 4 साल की वायरल गर्ल Karga Tinkle Gongo का वीडियो जीत रहा दिल

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की रहने वाली 4 साल की मासूम बच्ची कार्गा टिंकल गोंगो (Karga Tinkle Gongo) इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. अपनी मासूमियत, आत्मविश्वास और देशभक्ति भरे अंदाज के कारण टिंकल का वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहा है.

Viral Video: सोशल मीडिया पर खुद को "चीनी" बताए जाने वाले एक कमेंट का जवाब देते हुए टिंकल गोंगो ने बड़ी ही बेबाकी से कहा, "हमको चाइनीज मत बोलो, हम लोग इंडियन हैं. आप हमको चाइनीज बोलने से बहुत गुस्सा और दुखी होते हैं. हमें भारतीय कहो, हम ईटानगर में रहते हैं." नन्ही बच्ची का यह भावुक और गर्व भरा जवाब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और देश के हर कोने से लोग इस बच्ची की तारीफ कर रहे हैं.


10 रुपये की आइसक्रीम और उस एक कमेंट की कहानी

टिंकल गोंगो की मां ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में बताया कि यह सब अचानक हुआ. उन्होंने कहा, "हम अपनी बेटी का आइसक्रीम खरीदते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे. उसने 10 रुपये मांगे, आइसक्रीम खरीदी और मैंने वह क्यूट वीडियो इंटरनेट पर डाल दिया. लेकिन उस वीडियो पर किसी यूजर ने कमेंट किया- 'यह चीनी बच्ची हिंदी क्यों बोल रही है? क्या कोई चीनी बच्चा हिंदी बोलता है?" मां ने आगे बताया कि जब उन्होंने यह बात टिंकल को बताई, तो वह काफी उदास हो गई और सीधे बोली कि हम चीनी नहीं, हम तो हिंदुस्तानी हैं.


हम भारत में ही रहना चाहते हैं : कार्गा टिंकल गोंगो के पिता

कार्गा टिंकल गोंगो के पिता ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, "हमें इस वीडियो के बारे में सोशल मीडिया से पता चला, जब इसे बने हुए कुछ दिन हो चुके थे. हर तरफ से फोन आ रहे हैं. लोग मेरी बेटी का इंटरव्यू लेने के लिए फोन कर रहे हैं. चाहे बच्चा हो या बड़ा, किसी को भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए. यह अच्छी बात है कि मेरी बेटी ने आवाज उठाई. हमें उम्मीद है कि मुख्यधारा के भारत के लोग इस मुद्दे को और मेरी बेटी के दर्द को समझेंगे. अगर घुसपैठ हो रही है, तो यह बहुत दुखद है, क्योंकि हम निश्चित रूप से चीन नहीं जाना चाहते; हम यहीं भारत में ही रहना चाहते हैं."

पूर्वोत्तर भारत की पहचान पर फिर छिड़ी चर्चा

टिंकल के इस वीडियो ने एक बार फिर पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव और रूढ़िवादिता पर ध्यान खींचा है. सोशल मीडिया पर लोग न सिर्फ बच्ची की मासूमियत को पसंद कर रहे हैं, बल्कि यह संदेश भी दे रहे हैं कि भारत विविधताओं का देश है और हर नागरिक का चेहरा या रूप-रंग अलग हो सकता है, लेकिन हम सब भारतीय हैं.


ये भी पढ़ें: VIDEO : चीनी की बढ़ती कीमतों पर पप्पू यादव का हमला, बोले- बीजेपी ने आम लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >