Ladakh Special Status : सरकार लद्दाख को संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जा देने की दिशा में काम कर रही है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को लेह में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लद्दाख के लोगों को दिया गया यह वादा बहुत खास और "बहुत बड़ा वादा" है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है और यह चीजें अब तय हो रही हैं.
Article 371 के तहत क्या मिलेगा?
लद्दाख में डुक पद्म करपो स्कूल के सिल्वर जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे रिजिजू ने कहा कि सरकार की तरफ से लद्दाख को इस अनुच्छेद के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा देने का भरोसा दिया गया है.
उन्होंने कहा, “लद्दाख के लोगों को भारत सरकार और गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया है कि आपको Article 371 में विशेष प्रावधान मिलेंगे. यह बहुत बड़ा वादा है.”
रिजिजू ने यह भी साफ किया कि अनुच्छेद 371 संविधान में कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधानों से जुड़ा है.
दो जिलों से सात जिलों तक पहुंचा लद्दाख
केंद्रीय मंत्री ने लद्दाख में हुए प्रशासनिक बदलावों का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले इलाके में सिर्फ लेह और कारगिल दो जिले थे, लेकिन अब सात जिलों के गठन की दिशा में काम हो रहा है.
उनके मुताबिक, इसके साथ सात परिषदों के ज़रिए स्थानीय स्तर पर लोगों को ज़्यादा अधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी देने की तैयारी है. रिजिजू ने कहा कि पहले से मौजूद स्वायत्त परिषदों के पास काफी अधिकार नहीं थे.
उन्होंने कहा कि नए प्रशासनिक ढांचे का मकसद ज़मीनी स्तर पर लोकतंत्र को मज़बूत करना और लोगों को ज़्यादा ताकत देना है. इन प्रशासनिक बदलावों से ज़मीनी स्तर पर लोकतंत्र मज़बूत होगा, जिसका सीधा असर इलाके के भविष्य पर पड़ेगा.
लद्दाख के लिए क्यों अहम है यह कदम?
रिजिजू ने कहा कि लद्दाख में जिस तरह से प्रशासनिक और संवैधानिक बदलाव की तैयारी हो रही है, वह इलाके के भविष्य के लिए एक अहम नींव रखेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां के बच्चे भी समझेंगे कि सरकार ने लद्दाख के लिए जो कदम उठाए हैं, वे कितने जरूरी थे.
इस अनुच्छेद के तहत विशेष प्रावधान की बात ऐसे समय में सामने आई है, जब लद्दाख में लंबे समय से स्थानीय अधिकारों, संवैधानिक सुरक्षा और इलाके की खास पहचान को लेकर मांगें उठती रही हैं.
लेह पहुंचने पर हुआ स्वागत
रिजिजू शुक्रवार को लेह पहुंचे, जहां कुशोक बकुला रिमपोछे एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया. डुक पद्म करपो स्कूल के प्रतिनिधि और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष ताशी ग्यालसन, लद्दाख बीजेपी अध्यक्ष ताशी ग्यालसन खाचू समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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स्कूल के सिल्वर जुबली समारोह में रिजिजू को पारंपरिक खाता (स्कार्फ) और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
फिलहाल, रिजिजू के बयान में Article 371 के तहत लद्दाख को दिए जाने वाले विशेष प्रावधानों का आखिरी रूप या विस्तृत अधिकारों की जानकारी नहीं दी गई है. सरकार की अगली घोषणा से यह साफ होगा कि लद्दाख के लिए प्रस्तावित संवैधानिक सुरक्षा में कौन से खास प्रावधान शामिल किए जाएंगे.
