Amit Shah: 'किसी की कृपा से संसद में नहीं आया..', राज्यसभा में TMC नेता की टिप्पणी पर भड़के अमित शाह

Amit Shah: राज्यसभा में बुधवार को गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी सांसद साकेत गोखले को फटकार लगाई. अमित शाह ने कहा कि वो किसी से नहीं डरते. किसी की मेहरबानी से वो यहां नहीं पहुंचे हैं. सात बार चुनाव जीतकर यहां पहुंचे हैं.

Amit Shah: राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी सांसद साकेत गोखले को जोरदार फटकार लगाई. सदन में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान गोखले ने शाह पर टिप्पणी की. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई. सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति को देखते हुए राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गोखले को आगाह किया और उनके शब्दों को रिकॉर्ड से हटा दिया. इस दौरान गृह मंत्री शाह अमित शाह ने कहा कि वो किसी की कृपा से यहां नहीं आए हैं. चुनाव जीतकर यहां पहुंचे हैं.

अमित शाह ने लगाई फटकार

सदन में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने ईडी और सीबीआई का मुद्दा उठाया था. गोखले ने आरोप लगाया कि सीबीआई की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार से जुड़े 6,900 से अधिक मामले लंबित हैं. इस पर उन्हें टोकते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू करने के लिए कहा गया है, लेकिन शायद उन्हें नहीं पता कि सीबीआई या ईडी गृह मंत्रालय के तहत नहीं आती हैं. शाह ने कहा अगर गोखले को चर्चा का दायरा बढ़ाने की अनुमति दी जाती है तो वह भी अपने जवाब का दायरा बढ़ाएंगे और हर चीज का जवाब दिया जाएगा.

मैं किसी से नहीं डरता- अमित शाह

अमित शाह की बात पर साकेत गोखले ने टिप्पणी करते हुए कहा ‘माननीय मंत्री जी बोलने से पहले ही डर गए’. इस पर अमित शाह ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा “मैं किसी की कृपा से यहां नहीं आया. मैं सात बार चुनाव जीतकर आया हूं. एक विचारधारा का विरोध कर यहां नहीं घुस गया हूं. डरने का सवाल ही नहीं उठता.”

बयान वापस लेने की उठाई मांग

गोखले के बयान का सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और कुछ अन्य बीजेपी नेताओं ने जोरदार विरोध किया. साथ ही, उनसे अपना बयान वापस लेने की मांग की. हालांकि, गोखले ने बयान वापस लेने से इनकार कर दिया. इसपर जेपी नड्डा ने कहा कि गोखले की टिप्पणी असंसदीय और अपमानजनक है, और अगर गोखले इसे वापस लेने से इनकार करते हैं तो सभापति को इसे रिकॉर्ड से हटा देना चाहिए. रीजीजू ने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी उचित नहीं थी और चर्चा के लिए यह सही माहौल नहीं बनाती.

रिकॉर्ड से हटाया गया बयान

राज्यसभा के सभापति जगदीश धनखड़ ने कहा कि टीएमस नेता गोखले को किसी वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि गोखले की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटा दी जानी चाहिए क्योंकि यह व्यक्तिगत थी.

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Author: Pritish Sahay

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