कोरोना वायरस के बढते संक्रमण (coronavirus in delhi) और प्रदूषण (pollution in delhi) के डबल अटैक से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोग परेशान हैं. कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने आपात बैठक बुलाई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah meeting) ने रविवार को राजधानी दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति का जायजा लेने के लिए नॉर्थ ब्लॉक में एक बैठक बुलाई है जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मौजूद रहेंगे.
लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है जिसने सरकार की परेशानी बढा दी है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 7340 नए मामले सामने आए हैं. वहीं 96 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में कोरोना से जान गंवाने वालों की बात करें तो यह संख्या अब 7,519 पर पहुंच चुकी है. दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या 4,82,170 पहुंच चुकी है. दिल्ली में कुल एक्टिव केस 44,456 है जबकि पिछले 24 घंटे में 7,117 मरीज स्वास्थ्य होकर घर लौटे चुके हैं. कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 4,30,195 हो गई है.
दिल्ली में ‘आपात’ श्रेणी में पहुंची वायु गुणवत्ता: इधर रविवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ‘‘आपात” स्थिति में पहुंच गया. पटाखों से निकलने वाले धुएं के कारण बनी धुंध आसमान में छाई रही और उसकी तीखी गंध वातावरण में महसूस हुई. शनिवार शाम वायु गुणवत्ता ‘‘अति गंभीर” श्रेणी में पहुंच गई थी. इस दिन दिल्ली के प्रदूषण में पीएम 2.5 कणों में पराली जलाने की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी, लेकिन पटाखों से निकलने वाले धुएं और हवा की मंद गति से हालात और बिगड़ गए.
दिल्ली-एनसीआर का हाल : दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह छह बजे पीएम 2.5 कणों का स्तर 396 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था. जबकि इनका आपात स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है और सुरक्षित स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह छह बजे पीएम-10 का स्तर 543 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया जबकि इसका आपात स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है और 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर का स्तर भारत में सुरक्षित माना जाता है.
भाषा इनपुट के साथ
Posted By : Amitabh Kumar
