Ajit Pawar Death Supriya Sule reaction: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार की बुधवार सुबह एक विमान हादसे में मौत हो गई. उनका विमान बारामती में लैंड होने के दौरान क्रैश हो गया. उन्होंने हादसे से 45 मिनट पहले ही मुंबई से उड़ान भरी थी. इस विमान में सवार कुल पांच लोगों, जिनमें क्रू मेंबर भी शामिल थे, की मौत की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि अजित पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक जनसभा में शामिल होने जा रहे थे. अजित पवार की मौत के बाद उनके परिवार में गहरा शोक बताया जा रहा है. उनकी चचेरी बहन ने इस घटना पर व्हाट्सएप स्टेटस लगाते हुए अपना दुख जाहिर किया है.
अजित पवार की चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले ने व्हाट्सऐप पर सिर्फ एक शब्द का स्टेटस लगाया- “Devastated” (तबाह). बताया जा रहा है कि वह दिल्ली में बजट सत्र के सिलसिले में मौजूद थीं और वहां से बारामती के लिए रवाना हो गईं. सोशल मीडिया पर उनके भतीजे युगेंद्र पवार के रोते हुए वीडियो भी सामने आए हैं. अजित अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे- जय और पार्थ पवार को छोड़ गए हैं.
एक दिन पहले इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की मीटिंग में शामिल हुए थे
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के हवाले से आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड विमान सुबह करीब 8:45 बजे क्रैश-लैंडिंग का शिकार हुआ. इससे एक दिन पहले वह मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र कैबिनेट कमेटी ऑन इन्फ्रास्ट्रक्चर की बैठक में शामिल हुए थे, जहां मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
सुप्रिया सुले के व्हाट्सएप स्टेटस को एक कार्यकर्ता ने भी शेयर किया है. देखें-
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं. अजित पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में एक सहकारी शुगर फैक्ट्री के बोर्ड सदस्य के रूप में की थी. 1991 में वह पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन बने. इसी साल वह पहली बार बारामती लोकसभा सीट से सांसद चुने गए, हालांकि बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए छोड़ दी. वह बारामती विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने गए और राज्य की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे.
वह राज्य के सबसे लंबे समय तक (अलग-अलग कार्यकालों में) उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री के तौर पर 6 बार डेप्युटी चीफ मिनिस्टर के रूप में काम किया था. महाराष्ट्र के 2025 विधान सभा चुनाव में उन्होंने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा और सरकार में उप मुख्यमंत्री भी बने.
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