Maharashtra Politics: अजित पवार ने बढ़ायी शरद पवार की मुश्किलें, प्रदीप गरातकर को पुणे का अध्यक्ष नियुक्त किया

अजित पवार सहित सभी बागी 9 विधायकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शरद पवार ने एनसीपी से बाहर का रास्त दिखा दिया. यही नहीं शरद पवार गुट ने बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर की है.

महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान जारी है. एनसीपी से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल डिप्टी सीएम अजित पवार ने प्रदीप गरातकर को पुणे का जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. इससे पहले अजित पवार ने नरेंद्र राणे को मुंबई एनसीपी का अध्यक्ष घोषित किया था.

अजित पवार ने बगावत कर एनसीपी पर किया कब्जा

मालूम हो 2 जुलाई को अजित पवार ने शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी से बगावत कर शिंदे-भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो गए. एनसीपी के आठ अन्य विधायकों ने भी राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली. बगावत के बाद अजित पवार ने एनसीपी पर अपना कब्जा कर लिया. उन्होंने पार्टी और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में एक याचिका दायर की है. यही नहीं उन्होंने खुद को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया और शरद पवार को पद से हटा दिया. हालांकि शरद पवार ने खुद को एनसीपी का अध्यक्ष बताया और कहा, उनके द्वारा बनायी गयी पार्टी पर किसी को कब्जा नहीं करने देंगे.

शरद पवार ने अजित पवार सहित 9 बागी विधायकों को एनसीपी से बाहर निकाला

अजित पवार सहित सभी बागी 9 विधायकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शरद पवार ने एनसीपी से बाहर का रास्त दिखा दिया. यही नहीं शरद पवार गुट ने बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के सामने याचिका दायर की है.

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अजित पवार ने दोहराया इतिहास

अजित पवार ने महाराष्ट्र में बगावत के इतिहास को दोहरा दिया है. इससे पहले एकनाथ शिंद ने उद्धव ठाकरे के साथ बगावत कर बीजेपी के साथ मिलकर नयी सरकार बनायी. एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गयी थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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