एयर इंडिया के विमान का इंजन हुआ हवा में फेल, पायलट ने ‘PAN PAN’ कॉल देकर बचाई यात्रियों की जान

Air India : 47 यात्रियों को लेकर मुंबई से बेंगलुरु जा रहे एयर इंडिया के फ्लाइट का इंजन हवा में बंद हो गया, जिसकी वजह पायलट ने पैन-पैन काॅल देकर किसी तरह फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिग मुंबई के हवाई अड्डे पर कराई.

Air India : मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार तड़के तकनीकी खराबी जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि पायलट ने पैन-पैन (PAN PAN) कॉल जारी किया. हालांकि पायलट की समझबूझ की वजह से विमान की सुरक्षित लैंडिग करा ली गई.

उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही इंजन हुआ फेल

विमान के बारे में जो सूचना सामने आई है उसके अनुसार फ्लाइट AI 2812 अपने निर्धारित समय 2:05 बजे के बजाय करीब 2:15 बजे मुंबई से रवाना हुआ. उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद विमान में तकनीकी खराबी आ गई. प्रत्यदर्शियों ने बताया जा रहा है कि टेक-ऑफ के दौरान ही विमान से जोरदार आवाज सुनाई दी और चिंगारियां भी देखी गईं. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पायलट ने तुरंत पैन-पैन कॉल जारी किया और विमान को वापस मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया. करीब 2:35 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.एयर इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि विमान के दूसरे इंजन में खराबी आ गई थी और वह हवा में ही बंद हो गया था. लेकिन पायलट ने अविलंब समझदारी दिखाकर प्लाइट को सुरक्षित लैंड करा दिया. विमान पर सवार सभी 47 यात्री सुरक्षित हैं

जानिए क्या है PAN PAN कॉल?

एविएशन के क्षेत्र में ‘PAN PAN’ एक रेडियो सिग्नल है, जिसका उपयोग पायलट तब करते हैं जब विमान में कोई गंभीर लेकिन जीवन के लिए तुरंत खतरा न हो. यह कोड वर्ड फ्रेंच भाषा के “panne” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है तकनीकी खराबी. इस सिग्नल के जरिए पायलट यह बताना चाहता है कि
विमान को प्राथमिकता देते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल तुरंत सहायता दे.पैन-पैन काॅल को ‘Mayday’ कॉल से कम गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसमें तत्काल जीवन पर खतरा नहीं होता है.

ये भी पढ़ें : ईरान युद्ध को रोकने के लिए 10 अप्रैल से शुरू हो रही वार्ता सफल होगी या फिर साबित होगी फिसड्डी?

ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता

गुजरात से 1 रन से हारकर दिल्ली ने बनाया यह रिकाॅर्ड

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >