वाराणसी एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के पैसेंजर की बंदूक से चली गोली, दो घायल

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के यात्री की बंदूक से गोली चलने से दो लोग घायल हो गए. यह घटना सुरक्षा जांच के दौरान हुई.

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक पैसेंजर की बंदूक से गोली चली, जिसमें दो लोगों के घायल होने की सूचना है. यह जानकारी एएनआई न्यूज एजेंसी ने दी है. पैसेंजर यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है. वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर थे और उन्हें एयर इंडिया की IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जाना था.


सिक्योरिटी चेक के दौरान चली गोली

गोली चलने की घटना सिक्योरिटी चेक के दौरान हुई. अधिकारियों ने बताया कि AAICLAS (AAI कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड) के स्क्रीनर पिस्टल की जांच कर रहे थे.

पैसेंजर ने एक राउंड फायरिंग की

वाराणसी एयरपोर्ट पर फायरिंग की घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई. जब मुंबई जा रहे पैसेंजर, जो अपनी पत्नी के साथ ट्रैवल कर रहे थे ने फ्लाइट में हथियार होने की बात कही. वाराणसी एयरपोर्ट डायरेक्टर ने मीडिया को बताया कि हथियारों की चेकिंग के दौरान, पैसेंजर ने एक राउंड फायर किया. जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए. दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. घटना की जांच चल रही है.

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लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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