दिल्ली में जहरीली हुई हवा, AQI 306 तक पहुंचा, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने दोपहर 12 बजे बुलाई बैठक

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ठंड बढ़ने लगी है और हवा की गति कम हो गई है, इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी हो सकती है. पार्टिकुलेट मैटर अब जमीन के करीब रह रहे हैं, इससे प्रदूषण बढ़ता जा रहा है.

इंडियन गेट पर एक साइकिल चालक, राहुल कुंद्रा कहते हैं-अभी हम प्रदूषण को थोड़ा महसूस कर रहे हैं क्योंकि हम हर दिन साइकिल चलाते हैं. कुछ दिन में यह थोड़ा और बढ़ जाएगा. उस वक्त प्रदूषण की स्थिति साफ दिखाई भी देने लगेगी. उस समय हम साइकिल चलाना बंद कर देते हैं. दिल्ली में बढ़ते तापमान पर एक साइकिल ने आज सुबह कही. दिल्ली में आज AQI 306 तक पहुंच गया जो वायु गुणवत्ता की ‘बहुत खराब’ स्तर को दर्शाता है.

पार्टिकुलेट मैटर अब जमीन के करीब

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ठंड बढ़ने लगी है और हवा की गति कम हो गई है, इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी हो सकती है. पार्टिकुलेट मैटर अब जमीन के करीब रह रहे हैं, इससे प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. दिल्ली में GRAP का दूसरा चरण लागू हो चुका है. इसके लिए संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई है. मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मौसम हमारे हाथ में नहीं है लेकिन स्रोतों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है.


पराली जलाने पर कार्रवाई

GRAP 2 के तहत मुख्य रूप से सफाई और पानी छिड़काव का काम किया जाएगा. आज 12 बजे बैठक आयोजित की गई है. हमने आसपास के राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों से बात की है राज्यों और उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे पराली जलाने पर कार्रवाई करेंगे. दिवाली, पराली और दशहरा के कारण अगले 10 से 15 दिन दिल्ली के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. प्रदूषण को रोकना बहुत जरूरी है ताकि स्वास्थ्य कम से कम प्रभावित हो.

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ग्रेटर नोएडा एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की हवा खराब स्थिति में पहुंच गई है. सोमवार को ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा, जबकि दिल्ली दूसरे नंबर पर रहा. वायु प्रदूषण सूचकांक एप के आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गयी है. वायु प्रदूषण सूचकांक ऐप समीर के अनुसार सोमवार को ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 325 दर्ज किया गया. आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 310, गाजियाबाद में 260 और नोएडा में 275 दर्ज किया गया.

फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 267

इसके अनुसार फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 267, गुरुग्राम का सूचकांक 216 और बहादुरगढ़ का सूचकांक 275 दर्ज किया गया है . इसमें कहा गया है कि रविवार को ग्रेटर नोएडा में सूचकांक 354, फरीदाबाद में 322, दिल्ली में 313 और नोएडा में 304 दर्ज किया गया था.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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