AIADMK के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में करीब 40 विधायक मौजूद थे, जो लगभग एक घंटे तक चली. इस बीच इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि AIADMK के नेता पलानीस्वामी बीजेपी से नाता तोड़कर NDA से बाहर आने पर विचार कर रहे हैं. चर्चा है कि पार्टी तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय की TVK के साथ हाथ मिला सकती है. इससे राज्य की सियासत में बड़ा उलटफेर हो सकता है.
AIADMK सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने नवनिर्वाचित विधायकों से एकजुट रहने और धैर्य बनाए रखने को कहा. पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि अच्छी चीजें होंगी, इसलिए आप सभी अगले कुछ दिनों तक रिसॉर्ट में एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें.
किस पार्टी को कितनी सीट मिली है तमिलनाडु में
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुकी है, जिसके पास पांच विधायक हैं. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को 59, AIADMK को 47, कांग्रेस को पांच, पीएमके को चार, आईयूएमएल को दो, भाकपा को दो, माकपा को दो और वीसीके को दो सीटें मिलीं.
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वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), डीएमडीके और एएमएमके को एक-एक सीट मिली. टीवीके प्रमुख विजय को जीती गई दो सीटों में से एक सीट से इस्तीफा देना होगा. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके 118 विधायकों के समर्थन के आंकड़े तक पहुंचने से पीछे रह गई.
टीवीके को समर्थन देने पर आज फैसला करेगी माकपा
DMK की सहयोगी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) शुक्रवार (8 मई) को इस बात पर निर्णय लेगी कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए समर्थन देना है या नहीं. पार्टी ने आज एक बैठक बुलाई है जिसमें विजय की पार्टी की ओर से की गई अपील पर निर्णय लिया जाएगा. टीवीके ने राज्य में एक नयी धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का अनुरोध किया है.
