CJP ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस नहीं ली गईं, तो वह फिर से आंदोलन शुरू करेगा. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस ने अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं. साथ ही, प्रदर्शन स्थल पर लगे लोहे के बैरिकेड्स को वेल्डिंग किया जा रहा है ताकि ये और मजबूत हो सके.
CJP का कहना है कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने के अपने वादे से पीछे हट गई है. संगठन ने फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.
36 दिनों तक प्रदर्शन चला था जंतर-मंतर पर
जंतर-मंतर पर CJP ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था. अब प्रदर्शन स्थल के दोनों तरफ लगे बैरिकेड्स को लोहे से वेल्डिंग किया जा रहा है. पुलिस का मकसद है कि भविष्य में प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स हटाए न जा सकें और लोग तय जगह तक ही पहुंच पाएं.
दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान जंतर-मंतर के आसपास तैनात हैं. पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने क्या कहा?
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह भरोसे का पूरी तरह उल्लंघन है. रांका का दावा है कि BJP शासित राज्यों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था. रांका ने सभी FIR तुरंत वापस लेने की मांग की है. उन्होंने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की भी मांग की. साथ ही, दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और BJP शासित राज्यों में नए केस दर्ज करने पर रोक लगाने की बात कही. उन्होंने सरकार से समझौते की कॉपी सार्वजनिक करने की मांग भी की है.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर आंदोलन के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है. महाराष्ट्र में अपने घर लौटने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि सरकार के रवैये के कारण CJP को एक बार फिर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
