मुंबई में MHADA के तीन प्लॉट और बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को लेकर सियासत तेज हो गई है. शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि मुंबई के मैदानों, खुले स्थानों और खेल परिसरों की जमीन निजी हितों के लिए इस्तेमाल की जा रही है.
MHADA क्या है?
MHADA का पूरा नाम महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी है. यह महाराष्ट्र सरकार का एक सरकारी विभाग है, जो राज्य के लोगों को किफायती और कम कीमत पर घर उपलब्ध कराता है.
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि MHADA के तीन प्लॉट बीजेपी नेता से जुड़े एक ट्रस्ट को लीज पर दिए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन की कीमत पहले करीब 550 करोड़ रुपये बताई जाती थी, उसे महज 21 लाख रुपये सालाना के हिसाब से देने की तैयारी है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
बांद्रा फुटबॉल टर्फ को लेकर भी विरोध
आदित्य ठाकरे ने बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मैदान को प्रदर्शनी केंद्र में बदलने की योजना है. उन्होंने कहा कि मुंबई में खेलों के लिए आरक्षित जमीनों को दूसरे इस्तेमाल में लाया जा रहा है, जिसका सीधा असर युवाओं पर पड़ेगा.
23 अगस्त को प्रदर्शन का ऐलान
आदित्य ठाकरे ने मुंबईवासियों से 23 अगस्त को शाम 5 बजे बांद्रा के नेविल डिसूजा टर्फ पर जुटने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा, बल्कि केवल तिरंगा लेकर लोग शामिल होंगे.
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उन्होंने मौजूदा सरकार को ‘एंटी-Gen Z’ बताते हुए कहा कि मैदान और खुले स्थान छीनना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिसे विकास बता रही है, उसका फायदा चुनिंदा बिल्डरों और ठेकेदारों को मिल रहा है.
