सिग्नल की वजह से हुआ हादसा, टक्कर के समय 128 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी कोरोमंडल एक्सप्रेस

जया वर्मा सिन्हा ने मामले पर बात करते हुए आगे बताया कि- प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, सिग्नलिंग के साथ कुछ समस्या रही है. हम अभी भी रेलवे सुरक्षा आयुक्त की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. सिर्फ कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई.

शुक्रवार की शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार हो गयी थी. ओडिशा के बालासोर जिले के एक स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस की टक्कर मालगाड़ी से हो गयी थी. इस हादसे में 275 लोगों की मौत हो गयी जबकि, 1100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. ओडिशा में हुए इस रेल हादसे पर बात करते हुए संचालन और व्यवसाय विकास, रेलवे बोर्ड सदस्य जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि- मालगाड़ी पटरी से नहीं उतरी. चूंकि मालगाड़ी लौह अयस्क ले जा रही थी, इसलिए सबसे ज्यादा नुकसान कोरोमंडल एक्सप्रेस को हुआ. यह बड़ी संख्या में मौतों और चोटों का कारण है. कोरोमंडल एक्सप्रेस की पटरी से उतरी बोगियां डाउन लाइन पर आ गईं और यशवंतपुर एक्सप्रेस की आखिरी दो बोगियों से टकरा गईं, जो डाउन लाइन से 126 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजर रही थी. आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि- इस मामले में NIA नहीं, बल्कि, गृह मंत्रालय हमारी मदद कर रहा है.


हादसे के समय ट्रेन की रफ्तार 128 किमी प्रतिघंटा

जया वर्मा सिन्हा ने मामले पर बात करते हुए आगे बताया कि- प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, सिग्नलिंग के साथ कुछ समस्या रही है. हम अभी भी रेलवे सुरक्षा आयुक्त की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. सिर्फ कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई. जिस समय यह हादसा हुआ ट्रेन की रफ्तार करीब 128 किलोमीटर प्रति घंटा थी.


घायलों और मृतकों के परिवार के लिए हेल्पलाइन नंबर

घायलों और मृतकों के परिवार वालों के लिए हेल्प लाइन नंबर पर बात करते हुए जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि- हमारा हेल्पलाइन नंबर 139 उपलब्ध है. यह कोई कॉल सेंटर नंबर नहीं है, हमारे सीनियर अधिकारी कॉल का जवाब दे रहे हैं और हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. घायल या मृतक के परिवार के सदस्य हमें फोन कर सकते हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वे उनसे मिल सकें. हम उनकी यात्रा और अन्य खर्चों का ध्यान रखेंगे.

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