पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और विदेश में पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वह एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप से विदेश गए. वो अपने सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने को भी तैयार हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका राजनीति में आने या किसी राजनीतिक दल का गठन करने का कोई इरादा नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दीपके ने कहा कि मौजूदा समय में लोगों का भरोसा राजनीति, चुनाव प्रणाली, न्यायपालिका और मीडिया से कम हुआ है. ऐसे में देश को एक नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि जन-आंदोलन की जरूरत है.

हमारा राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है. जिस तरह लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है, ऐसे समय में राजनीतिक पार्टी बनाकर क्या करेंगे? देश को जन-आंदोलन की जरूरत है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके

बोले अभिजीत दीपके- एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं

अपने परिवार और पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर दीपके ने कहा कि वह अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप से जुड़े सभी दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं.

मैं अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप लेटर से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपनी डिग्री दिखाने का अनुरोध करता हूं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके

आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया था सवाल

अभिजीत दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके और उनके परिवार के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार, भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को शिकायतें भेजी हैं. उनका दावा है कि दीपके के पिता भगवानराव दीपके MIDC में जूनियर इंजीनियर थे और उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया. तिवारी ने CJP के अपंजीकृत रहते हुए चंदा लेने और कथित फंडिंग की भी जांच की मांग की है.

आरक्षण पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

आरक्षण के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा मिलने में कोई बुराई नहीं है. उनका मानना है कि सीटें कम होने की शिकायत करने के बजाय सरकार से सीटें बढ़ाने की मांग की जानी चाहिए.

अगर किसी पिछड़े वर्ग के बच्चे को शिक्षा मिल रही है तो इसमें क्या गलत है? हमें आरक्षण का विरोध करने के बजाय शिक्षा में सीटें बढ़ाने की मांग करनी चाहिए. लोग मैनेजमेंट कोटा पर उतना सवाल क्यों नहीं उठाते? कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके

झारखंड के छात्रों को दिया समर्थन

दिपके ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी तबीयत ठीक होगी, वह खुद झारखंड जाकर छात्रों से मिलेंगे. उन्होंने कहा- हम झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हैं. मैंने उन्हें अपना समर्थन दिया है और कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखें.

दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए पहले से साजिश रची गई थी. दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध स्थल के पास पहले से पत्थरों से भरा ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन खड़ी थी. उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मंच के पीछे पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा कर दिया था. इसके पीछे क्या कारण था? 20 जुलाई से पहले वहां एक क्षतिग्रस्त वैन भी खड़ी थी. अगले दिन खबर आई कि विरोध प्रदर्शन पर पत्थरबाजी हुई. दिल्ली पुलिस ने इसकी पहले से ही योजना बना रखी थी.

मैंने अपने आंदोलन की शुरुआत से ही कहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने, विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहर से कुछ लोगों को भेजा जाएगा और मुख्य न्यायाधीश से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए जाएंगे. इन गुंडों ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पहले से ही योजना बना रखी थी. जिस विरोध स्थल पर मुझे बिना जांच के जाने नहीं दिया जा रहा था, वहां 2100 अपराधी खुलेआम घूम रहे थे. यह दिल्ली पुलिस पर एक बड़ा सवालिया निशान है.- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके

शिक्षा मंत्री और मुआवजे को लेकर सरकार पर निशाना

दीपके ने कहा कि उनकी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो गई. हालांकि, उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करते. साथ ही उन्होंने दावा किया कि NEET की तैयारी कर रहे जिन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या की, उनके परिवारों को अब तक एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं मिला है.

जब दूसरे कामों के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए नियमों का हवाला क्यों दिया जा रहा है? इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके

CJP की मांगें

  • आत्महत्या करने वाले NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा.
  • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना.
  • पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन

अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर सरकार उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं करती है, तो संगठन एक बार फिर आंदोलन शुरू करेगा. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उनका अब तक पूरी तरह पालन नहीं हुआ है. दिपके ने चेतावनी देते हुए कहा- हम चाहते हैं कि सरकार हमारी सहमत मांगों को पूरा करे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमें फिर से धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का विकल्प खुला रहेगा.

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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