किसानों की आत्महत्या सुप्रीम कोर्ट गंभीर, केंद्र- राज्य सहित आरबीआई से मांगा जवाब

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की आत्महत्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य और केंद्र के साथ- साथ आरबीआई को भी नोटिस जारी किया है. जवाब देने के लिए इन सभी को चार हफ्ते का समय दिया गया है. आरबीआई को किसानों की आत्महत्या की वजह तलाशने का काम सौंपा है. इस मामले […]

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की आत्महत्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य और केंद्र के साथ- साथ आरबीआई को भी नोटिस जारी किया है. जवाब देने के लिए इन सभी को चार हफ्ते का समय दिया गया है. आरबीआई को किसानों की आत्महत्या की वजह तलाशने का काम सौंपा है.

इस मामले पर जोर देते हुए कोर्ट ने कहा , देश में किसानों की मौत एक जनहित से जुड़ा मामला है. सरकार से अदालत ने फसल बीमा के माध्यम से उठाये गये कदमों की विस्तार से जानकारी मांगी है. योजना का कितना असर हैं और क्या कारण है कि किसान अब भी आत्महत्या को मजबूर हैं. ज्यादातर किसान प्राकृतिक आपदाओं के चलते लोन नहीं चुका पाते. याचिका को ‘सिटिजन्स रिसोर्स एडं एक्शन एडं इनिसिएटिव’ एनजीओ की ओर से दाखिल किया गया था.
चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस एनवी रमन्ना की बेंच ने आज इस पर चिंता जताते हुए किसानों की मौत पर कई सवाल खड़े किये. ध्यान रहे कि महाराष्ट्र के विदर्भ का इलाका सूखा प्रभावित है, जहां से किसानों की आत्महत्या की खबरें सबसे ज्यादा आयीं हैं. कई एनजीओ और अभिनेताओं ने किसानों की हालत पर चिंता जताते हुए मदद भी की.

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