8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन को केंद्र की मंजूरी, केंद्रीय कैबिनेट से दो बड़े फैसलों को हरी झंडी

8th Pay Commission:केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को अपनी मंजूरी दे दी है. मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी.

8th Pay Commission: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की कार्य-अवधि को मंजूरी दे दी है. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और बताया, “8वें केंद्रीय वेतन आयोग की संरचना, कार्य-अवधि और समय-सीमा को प्रधानमंत्री द्वारा मंजूरी दे दी गई है. यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है. आयोग की सिफारिशें रक्षा सेवा कर्मियों सहित लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को कवर करेंगी.”

8वें वेतन आयोग में एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव होंगे

आठवां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय के रूप में कार्य करेगा जिसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे. आयोग को अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है और यदि आवश्यक हो, तो वह विशिष्ट मामलों पर अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकता है. अपनी सिफारिशें तैयार करते समय आयोग देश में मौजूदा आर्थिक स्थितियों और राजकोषीय विवेक की आवश्यकता को ध्यान में रखेगा.

18 महीनों के भीतर आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी हाल ही में जनवरी में दी गई थी और बहुत कम समय में ही आयोग का औपचारिक रूप से गठन कर दिया गया है. यह एक बड़ा कदम है जिसके लिए व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है. रक्षा, गृह, रेलवे और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) जैसे कई मंत्रालय, जिनमें बड़ी संख्या में केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, इस प्रक्रिया का हिस्सा थे.” उन्होंने आगे कहा, “केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारी हैं और कई राज्य सरकारों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया, जिनमें से अधिकांश ने अपना सहयोग दिया. 8वें वेतन आयोग द्वारा 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है.”

हर 10 साल के अंतराल पर वेतन आयोगों की सिफारिशें लागू की जाती हैं

केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन समय-समय पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्ति लाभों और सेवा शर्तों से संबंधित मुद्दों की जांच करने और आवश्यक बदलावों की सिफारिश करने के लिए किया जाता है. आमतौर पर वेतन आयोगों की सिफारिशें हर दस साल के अंतराल पर लागू की जाती हैं.

7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की गईं

7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की गईं, हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जून, 2016 को इसके कार्यान्वयन को मंजूरी दी. इस प्रवृत्ति के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 01.01.2026 से अपेक्षित होगा.

किसानों को खाद पर 38 हजार करोड़ की सब्सिडी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को चालू 2025-26 रबी सत्र के लिए फॉस्फोरस और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 37,952 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दे दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने चालू रबी सत्र के लिए नाइट्रोजन (एन) के लिए 43.02 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फोरस (पी) के लिए 47.96 रुपये प्रति किलोग्राम, पोटाश (के) के लिए 2.38 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर (एस) के लिए 2.87 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर को मंजूरी दी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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