ऐसा कोई शख्स नहीं, जो इस वक्त नोटबंदी से परेशान न हो : आजाद
नयी दिल्ली : नोटबंदी के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की प्रतिक्रिया सामने आयी है. गुलाम नबी आजाद ने कहा है किभारत में ऐसा कोई शख्स नहीं है, जो इस वक्त नोटबंदी से परेशान न हो. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हम विमुद्रीकरण के फैसले के खिलाफ नहीं […]
नयी दिल्ली : नोटबंदी के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की प्रतिक्रिया सामने आयी है. गुलाम नबी आजाद ने कहा है किभारत में ऐसा कोई शख्स नहीं है, जो इस वक्त नोटबंदी से परेशान न हो. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हम विमुद्रीकरण के फैसले के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस तरीके से लागू किया गया , उससे देश में आर्थिक अराजकता पैदा हो गयी.
हालांकि सरकार के नोटबंदी के फैसले का विरोध करने में एकजुटता दिखा रहे विपक्ष में मतभेद उभरता नजर आ रहा है. विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से कहा गया कि संसद सत्र के पहले दिन कल उच्च मूल्य के नोट अमान्य करने को लेकर राष्ट्रपति के पास जाने की जरूरत नहीं है. हालांकि कांग्रेस ने अमान्य किये गये नोट बदलवाने वालों पर पक्की स्याही लगाने का विरोध किया, कहा कि सरकार उन्हें अपना पैसा ही निकालने से रोक रही है. वहीं जदयू नेता शरद यादव ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां उच्च मूल्य के नोट अमान्य करने पर आगे की रणनीति तय करने के लिए कल फिर से मुलाकात करेंगी.
गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से जारी इस बयान के पहले बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रेयन ने कहा था कि नोटबंदी के मुद्दे को लेकर विपक्ष कल राष्ट्रपति से मिलेगा. कल से शुरू हो रहे है संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर नोटबंदी पर सरकार को घेरने के लिए आज विपक्ष एकजुट नजर आया और संसद में विपक्ष की बैठक हुई. इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद, जदयू, झामुमो और अन्य विपक्षी दल शामिल हुई. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार का यह फैसला बहुत गलत है, इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि अब सरकार कह रही है कि नोट बदलने वालों के हाथों पर स्याही लगायी जायेगी, यह बेतुका फैसला है, क्या सरकार को अपने लोगों पर भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि 19 नवंबर को उपचुनाव हैं, ऐसे में चुनाव आयोग किस तरह वोटर्स के बीच भेद कर पायेगा.
राष्ट्रपति से मिलने की योजना
ममता बनर्जी ने कहा कि कल विपक्ष के नेता राष्ट्रपति से मिल रहे हैं और उनके सामने नोटबंदी के मुद्दे को उठायेंगे. उन्होंने कहा कि हमें शिवसेना ने भी आश्वस्त किया है कि वे राष्ट्रपित से मिलने उनके साथ जायेंगे. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रेयन ने बताया कि कल दोपहर 1.30 बजे विपक्ष के नेता राष्ट्रपति से मिलने जायेंगे, जिनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल होंगे.
जदयू ने की नोटबंदी पर संसद में चर्चा की मांग
आज जदयू ने विभिन्न विपक्षी दलों की इस मांग का समर्थन किया कि कल संसद में सूचीबद्ध कामकाज को स्थगित कर नोटबंदी के कदम पर चर्चा करवाई जानी चाहिए. जदयू नेता एवं राज्यसभा सांसद शरद यादव ने उच्च सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव देकर कहा है, ‘‘500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित करने के कदम के कारण देश में हर व्यक्ति मुश्किल से गुजर रहा है.’
पार्टी अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन चंद विपक्षी नेताओं में शामल हैं जिन्होंने इस कदम का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि इससे काला धन पर लगाम कसने में मदद मिलेगी. किन्तु देश भर में जनता विशेषकर गरीब लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी में इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया गया.
सरकार ने बुलायी सर्वदलीय बैठक
संसद का शीतकालीन सत्र कल 16 नवंबर से शुरू हो रहा है. नोटबंदी का मामला देश में गरमाया हुआ है, इसलिए इसका असर संसद पर भी देखने को मिलेगा. आज सरकार ने शाम चार बजे सर्वदलीय बैठक बुलायी है. इस बैठक में शीतकालीन सत्र को लेकर बातचीत की जायेगी, सरकार सभी दलों से सत्र को सफल बनाने के लिए सहयोग मांगेगी.सर्वदलीय बैठक से पहले आज कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति तय करने के लिए बैठक की. इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद थे.