म्यांमा को पूर्वोत्तर के उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है : रिजिजू

पासीघाट : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज कहा कि भारत ने म्यांमा से अनुरोध किया है कि वह उस देश में पनाह ले रहे उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे. यहां एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) के उद्घाटन के बाद रिजिजू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के कुछ उग्रवादी संगठनों के नेताओं के […]

पासीघाट : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज कहा कि भारत ने म्यांमा से अनुरोध किया है कि वह उस देश में पनाह ले रहे उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे. यहां एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) के उद्घाटन के बाद रिजिजू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के कुछ उग्रवादी संगठनों के नेताओं के म्यांमा में पनाह लेने की खबरें हैं और हम उस देश की सरकार के साथ लगातार बातचीत कर अनुरोध कर रहे हैं कि वह उनके खिलाफ कार्रवाई करे.’

मंत्री ने पड़ोसी असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति की तरफ ध्यान दिलाए जाने पर यह टिप्पणी की. असम में हाल के दिनों में प्रतिबंधित उल्फा और एनडीएफबी ने हमलों को अंजाम दिया है, जिससे मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को केंद्र से कहना पड़ा है कि वह हालात से निपटने की खातिर ज्यादा सुरक्षा बल भेजे. असम के हालात के नियंत्रण में होने का दावा करते हुए रिजिजू ने कहा कि एकीकृत कमान संरचना (यूसीएस) 23 दिसंबर 2014 के हमले के बाद से ही एनडीएफबी के उग्रवादियों के खिलाफ अपना अभियान चला रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमें लगता था कि दिसंबर 2014 के जनसंहार के बाद एनडीएफबी की गतिविधियां नियंत्रित हो गई हैं. लेकिन इस महीने की शुरुआत में कोकराझार में हुई हत्याओं औरऊपरीअसम में उल्फा की ओर से लगातार की जा रही हिंसा को गृह मंत्रालय गंभीरता से देख रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘‘हालात से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे.’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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