बदले-बदले से महबूबा के अंदाज, पीएम मोदी ने भी की तारीफ

जम्मू : जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज यहां कटरा में माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहर से आये हुए छात्रों के साथ अतिथि जैसा बर्ताव हो. मुख्यमंत्री महबूबा का यह बयान बीते सप्ताह एनआइटी विवाद के मद्देनजर अहम है. हालांकिएनआइटी व हंदवाड़ाहिंसाके बाद […]

जम्मू : जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज यहां कटरा में माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहर से आये हुए छात्रों के साथ अतिथि जैसा बर्ताव हो. मुख्यमंत्री महबूबा का यह बयान बीते सप्ताह एनआइटी विवाद के मद्देनजर अहम है. हालांकिएनआइटी व हंदवाड़ाहिंसाके बाद पिछले सप्ताह भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात के बाद एनआइटी विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि मुझे उम्मीद है कि यहां से जो छात्र गये हैं, वह जल्द वापस कॉलेज लौट आयेंगे.

उस समय भी महबूबा ने कहा था कि एनआइटी में पढ़ने वाले बच्चे हमारे बच्चे हैं अौर अौर उनको संरक्षण देना हमारी जिम्मेवारी है.महबूबा ने तब कहा थाकि जम्मू कश्मीर में बाहर से छात्र यहां आकर सालों से रह रहे हैं और सिर्फ एक घटना लोगों को अलग नहींकरसकती है. महबूबा ने उम्मीद जतायी कि छात्रजल्द ही अपने शिक्षण संस्थानमें वापस लौटेंगे. महबूबा का यह बयान अलगाववादी सोच रखने वालों के साथ-साथ शेष हिंदुस्तान के लिए भी एक संदेश था अौर उन्होंने आज उसे ही दोहराया.

एनआइटी में क्या हुआ था?

मालूम हो कि एनआइटी परिसर में तिरंगा फहराने की घटना और फिर छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद कई छात्र कॉलेज छोड़कर बाहर चले गये थे. दरअसल, 31 मार्च को कैंपस में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में भारत की हार के बाद कश्मीरी बच्चों के भारत विरोधी और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था. इसका गैर कश्मीरी छात्रों ने विरोध किया था, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई थी. पुलिस पर भी गैर कश्मीरी बच्चों की पिटाई का आरोप लगा था.


…तो बदल रही हैं महबूबा?

महबूबा पर उनके विरोधी अलगाववादियों को शह देने का आरोप लगाते रहे हैं. विरोधियों का इसके लिए तर्क रहा है. वहीं, महबूबा खुद को वहां के लोगों के मूल मुद्दों का संरक्षक और उसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने वालीनेता के रूप में प्रस्तुत करती रही हैं. कई चरणों की मुलाकात व बैठकों के बाद तीन महीने के गतिरोध के बाद इसी कारण जम्मू कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी 2 सरकार बन सकी. लेकिन, हाल में महबूबा के तेवर पॉजिटिव संकेत देते हैं और वे जब यह कहती हैं कि कश्मीर से बाहर के बच्चे भी उनके ही बच्चे हैं तो यह बयान उनकी छवि को राष्ट्रीय छवि प्रदान करता है.


पीएम ने भी महबूबा की तारीफ

प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदी ने आज यहां दीक्षांत समारोह मेंकमसे कमदो बार महबूबामुफ्तीकी तारीफ की. उन्होंने महबूबा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उनकी वह बात अच्छी लगी कि यहां के लोगों के लिए हम वो लोग हैं, जिनकी बातें हम दुनिया भर में पहुंचाने वाले हैं कि कितने अच्छे लोगहैं, कितने उदार लोग हैं, कितने महान परंपरा के लोग हैं जो प्रकृति के साथ जीते हैं. पीएम ने कहा कि यहां मुझे मिनी हिंदुस्तान नजर आ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि शेष हिंदुस्तान के लोगों को पता चलेगा कि जम्मू कश्मीर में भी ऐसा एक कोना है जो अपने अंदर हिंदुस्तान समेटे हुए है, तो कितना अच्छालगेगा.

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