राष्ट्रपति कुलपतियों और संस्थानों के निदेशकों के साथ शिक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे
नयी दिल्ली : शिक्षा को अपने एजेंडा में हमेशा शीर्ष पर रखने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और उसे दुनिया के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष लाने के उपाय ढूंढने के लिए विभिन्न प्रमुख संस्थानों के कुलपतियों और निदेशकों की बैठक आयोजित करेंगे. तीन दिवसीय सम्मेलन चार नवंबर से शुरु होगा और […]
नयी दिल्ली : शिक्षा को अपने एजेंडा में हमेशा शीर्ष पर रखने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और उसे दुनिया के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष लाने के उपाय ढूंढने के लिए विभिन्न प्रमुख संस्थानों के कुलपतियों और निदेशकों की बैठक आयोजित करेंगे. तीन दिवसीय सम्मेलन चार नवंबर से शुरु होगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी, भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर सी एन आर राव और प्रोफेसर एम एस स्वामीनाथन हिस्सा लेंगे.
यह पहला मौका है जब राष्ट्रपति उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्रमुखों को एक मंच पर लाने के लिए बैठक आयोजित कर रहे हैं. इससे पहले, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, एनआईटी, आईआईटी, आईआईएसईआर और आईआईएससी के निदेशकों का अलग-अलग सम्मेलन आयोजित किया गया था.
मुखर्जी इन सभी संस्थानों के विजिटर हैं. सम्मेलन का एजेंडा संस्थानों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को दुनिया के शीर्ष संस्थानों के बराबर लाना, संकायों की क्षमताओं का विकास और निरंतर एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय और समाज के साथ उच्च शिक्षण संस्थानों का संवाद कराना है. राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में उच्च शिक्षा के जरिए लैंगिक समानता और सांस्कृतिक समावेश के प्रोत्साहन पर भी चर्चा होगी.