नयी दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारत में कई तरह की विचारधाराएं हैं और हमारे यहां यह परंपरा है कि हम सबको अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देते हैं. लेकिन इन दिनों देश में बहस का जो स्तर है, वह बर्बरता को बढ़ावा देता है. जो इस बर्बरता में शामिल हैं, मैं उनकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. उन्होंने कहा कि संवदेनशील मुद्दों जैसे दो संप्रदायों के संबंध पर टिप्पणी, जम्मू-कश्मीर का मुद्दा या पड़ोसियों के साथ संबंध जैसे मुद्दों पर काफी धैर्यपूर्वक बयान देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मैं खुद इन मुद्दों पर काफी सावधानी पूर्वक ही बयान देता हूं. लेकिन इन दिनों जो कुछ देश में हो रहा है वह उचित नहीं है. विरोध का तरीका ब र्बर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी इस बात का ध्यान रख रही है कि बर्बर बयान ना दिये जायें, इसके लिए पार्टी अध्यक्ष ने उनसे बात की है और उन्हें यह निर्देश दिया है कि वे बयान देने में सावधानी बरतें. प्रधानमंत्री ने भी इस मुद्दे पर अपने विचारों से सभी को अवगत करा दिया है. बयान देते वक्त हर किसी को सावधानी बरतनी चाहिए.
