नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय(इडी) ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआइपी हेलीकाप्टर सौदे में रिश्वत के कथित लेनदेन के आरोपों की मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत जांच के सिलसिले में ट्यूनिशिया तथा इटली को न्यायायिक आग्रह पत्र (एलआर) का पहला सैट भेजा है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने कानूनी सहायता के लिए पत्र भेजे हैं. एजेंसी को यहां अदालत से ये अदालती आग्रह पत्र(एलआर) कुछ समय पहले मिले थे. उन्होंने कहा-पहले दो एलआर ट्यूनिशिया व इटली को भेजे गए हैं. इनमें अगस्तावेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकाप्टर सौदे के संबंध में कुछ लेनदेन एवं कंपनी स्टेटमेंट से जुड़ा ब्यौरा मांगा गया है.
एजेंसी इस सौदे की जांच कर रही है. हालांकि सूत्रों ने इसका ब्यौरा नहीं दिया कि क्या-क्या जानकारी मांगी गयी है. इस सौदे में कथित रूप से रिश्वत दिए जाने के मामले में इडी ने मनी लांड्रिंग निरोधक कानून(पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है. सरकार ने इस सौदे को पहले ही रद्द कर दिया है.
एजेंसी ने पाया है कि भारतीय व विदेशी कंपनियों के बीच अवैध लेन देने के लिए 170 से अधिक ‘फर्जी फर्में’ बनायी गयीं. यह राशि इस सौदे में कथित रिश्वत की थी. सूत्रों ने बताया कि एजेंसी इस बारे में मारीशस, ब्रिटेन, दुबई, स्विटजरलैंड व कुछ अन्य देशों को भी एलआर भेज सकती है.
