जम्मू कश्मीर में खिलेगा भाजपा का कमल, सरकार के सवाल पर राज्यपाल से मिले राम माधव

नयी दिल्ली : जम्मू कश्मीर में सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और पिपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के बीच लगभग सहमति बन गयी है. दोनों दलों के सूत्रों का कहना है कि इसकी घोषणा जल्द की जायेगी. इस बीच जम्मू कश्मीर में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की […]

नयी दिल्ली : जम्मू कश्मीर में सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और पिपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के बीच लगभग सहमति बन गयी है. दोनों दलों के सूत्रों का कहना है कि इसकी घोषणा जल्द की जायेगी. इस बीच जम्मू कश्मीर में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की है. मुलाकात करने वालों में भाजपा महासचिव राम माधव, प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर और विधायक निर्मल सिंह शामिल हैं.

राज्य में राज्यसभा चुनाव व दिल्ली विधानसभा चुनाव के कारने से फिलहाल दोनों पार्टियां सरकार बनाने के औपचारिक एलान सेबच रही हैं. उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बार-बार मीडिया से कह चुके हैं, जम्मू कश्मीर में भाजपा की हिस्सेदारी वाली सरकार गठन पर वार्ता जारी है. वहीं, पीडीपी खुले तौर पर तो नहीं लेकिन संकेतों में मीडिया को बताती रही है कि सरकार गठन पर उसकी भाजपा से वार्ता चल रही है.

सूत्रों के अनुसार, भाजपा अब यह जिद लगभग छोड़ चुकी है कि राज्य के मुख्यमंत्री का पद तीन-तीन वर्ष के लिए दोनों पार्टियों के बीच बांटा जाये. सूत्रों का कहना है कि दोनों पार्टियों के सहमति फामरूले के अनुसार, मुख्यमंत्री का पद छह साल तक के लिए पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद संभालेंगे. संभव है कि इस व्यवस्था में भाजपा को उपमुख्यमंत्री का पद मिले और उसके दो लोगों को पीडीपी के सहयोग से राज्यसभा में भेज दिया जाये.

अगले महीने जम्मू कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव भी होना है, जिसके लिए नामांकन की आज आखिरी तारीख है. इसमें भाजपा ने शमशेर मन्हास व चंद्रमोहन शर्मा को राज्यसभा चुनाव के लिए जम्मू कश्मीर से उम्मीदवार घोषित किया है. मंगलवार को सरकार गठन के मुद्दे पर नेशनल कांफ्रेंस की भाजपा और पीडीपी से बढ़ी दूरी का पता उस समय भी चला, जब मीडिया में यह खबर आयी कि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को राज्यसभा भेजने के लिए नेशनल कान्फ्रेंस उन्हें सहयोग करेगा. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 28 जनवरी ही है.

87 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में पीडीपी के पास 28 सीटें हैं, जबकि 25 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर है. नेशनल कान्फ्रेंस के पास राज्य में 15 सीटों हैं, जबकि कांग्रेस के पास 12 सीट है. सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पिपुल्स कान्फ्रेंस ने राज्य में दो सीटों पर विजय पायी है. बाकी सीटें कुछ छोटी पार्टियों के पास है. दिसंबर में आये चुनाव परिणाम में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया था.

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