दुनिया के 10 सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में शुमार डॉ के राधाकृष्णन खुद को इसरो मैन कहलाना करते हैं पसंद
चेन्नई : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन को दुनिया के शीर्ष 10 वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है. इसकी सूची प्रचलित जर्नल ‘नेचर’ने तैयार की है. ऐसा पहली बार हुआ है जब जर्नल नेचर ने भारत में काम कर रहे किसी भारतीय को इस सूची में जगह दी है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चेन्नई : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन को दुनिया के शीर्ष 10 वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है. इसकी सूची प्रचलित जर्नल ‘नेचर’ने तैयार की है. ऐसा पहली बार हुआ है जब जर्नल नेचर ने भारत में काम कर रहे किसी भारतीय को इस सूची में जगह दी है.
डॉ. के. राधाकृष्ण्ान को रोजेट्टा फ्लाइट ऑपरेशन, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के निदेशक एंड्रीया एकोमाजो के साथ शीर्ष 10 वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है. 24 सितंबर 2014 को हुए सफल मंगल मिशन के तहत मंगल की कक्षा में पहले ही प्रयास में मंगलयान भेजने वाली एशियाई देशों में भारत की उपलब्धि पर डॉ. राधाकृष्णन का नाम इसके लिए चयनित किया गया है.
डॉ. राधाकृष्णन साल 2009 से इसरो के चेयरमैन हैं. राधाकृष्णन व्रिक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के भी निदेशक रह चुके हैं. उन्हें बेहतरीन लीडर माना जाता है. मार्स मिशन को सफल बनाने में योगदान अभूततपूर्व है. मार्स मिशन की सफलता के बाद जब राधाकृष्णन से पूछा गया कि क्या आप ‘मार्स मैन’ कहलाना पसंद करेंगे? तो उन्होंने कहा कि इस मिशन को सफल बनाने का श्रेय पूरे टीम को जाता है इसीलिए मैं ‘इसरो मैन’ कहलाना ही पसंद करुंगा.
सूची में शामिल अन्य वैज्ञानिकों में ‘कैंसर ड्रग थेरेपी’ के लिए सूजेन टोपालियन, ‘रोबोटिक्स’ में भारतीय मूल की राधिका नागपाल, ‘इबोला वायरस के लिए जेनेटिक सिक्वेंसिंग’ में सेख हुमार खान, ‘अंतरिक्ष के गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन’के लिए डेविड स्पर्गल, फील्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला वैज्ञानिक मरियम मिर्जाखानी, आईस बकेट चैलेंज की शुरुआत करने वाले पीट फ्रेट्स, इंब्रोयोनिक सेल सिस्टम का अध्ययन करने वाले मजायो ताकाहासी और रेलियन सॉफ्टवेयर का आविष्कार करने वाले सोजोर्स स्कीर्स शामिल हैं.