16 साल की लड़की के साथ रेप, चेहरे को कुचला और प्राइवेट पार्ट में डाला रॉड ; 5 की हुई गिरफ्तारी

असम के हैलाकांडी में 16 साल की लड़की के साथ हुई जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. उसके घर पर ही उसका रेप किया गया और भयानक यातनाएं दी गईं, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. इस घटना से लोगों में गुस्सा है और वे प्रदर्शन कर रहे हैं.

असम के हैलाकांडी जिले में एक 16 साल की लड़की के साथ उसके घर के रेप किया गया और उसके शरीर के साथ हैवानियत की गई. उसके चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया गया था और उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाला गया था. पुलिस का कहना है कि यह केस लव ट्रायंगल का जिसकी वजह से लड़की की इस तरह हत्या की गई है.

1 अगस्त को हुई हत्या

शनिवार रात को कतलीचेरा पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले अलोइचेरा इलाके में लड़की अपने घर पर मरी हुई मिली. उसकी मां के अनुसार उनका पूरा परिवार पास में एक दावत में गया था. उस पार्टी से पीड़िता जल्दी लौट आई थी, क्योंकि उसकी बहस एक रिश्तेदार से हो गई थी. बाद में जब वे लोग लगभग एक घंटे बाद घर लौटे तो बेटी की हालत देखकर सदमे में आए. उसका सिर, फटा हुआ था. चेहरे को कुचल दिया गया था और प्राइवेट पार्ट मेंरॉड डाला गया था.

मां ने मांगी दोषियों के लिए मौत की सजा

पीड़िता की मां ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए कहा है कि बेटी को इस तरह देखना भयानक था. एक छोटी बच्ची के साथ इतनी बेरहमी कोई कैसे कर सकता है. पीड़ित की बहन ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हमले के बाद शरीर को बुरी तरह से क्षत-विक्षत कर दिया. उसने बताया कि उसका चेहरा कुचल दिया गया था, उसके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया था और उसके प्राइवेट पार्ट्स में कोई रॉड जैसी चीज डाली गई थी.

अबतक 5 लोगों की हुई गिरफ्तारी

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम जांच से यह कंफर्म हुआ है कि उसकी हत्या से पहले उसके साथ रेप किया गया था. इस मामले में अबतक 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें से एक नाबालिग है. दो लोगों की पहचान मनोज दास उर्फ ​​राजदीप दास (23) और सिराज दास (18) के तौर पर हुई.सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) अमिताब सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सोमवार को एक 17 साल के लड़के समेत तीन टीनएजर्स को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें छह दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. SSP के मुताबिक, जांच करने वालों का मानना ​​है कि पीड़िता के कथित तौर पर दो आरोपियों के साथ रोमांटिक रिश्ते थे और शायद यही मर्डर का कारण हो सकता है.

विरोध प्रदर्शन शुरू

16 साल की लड़की के साथ हुई इस दुर्घटना के बाद असम की बराक घाटी में लोगों में गुस्सा है और वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी इस रेपकांड के प्रति लोगों का गुस्सा फूटा है और वे ऐसे लोगों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं और उस सोच को भी कोस रहे हैं, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं होती हैं.

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लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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