मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड फैसले से असंतुष्ट, कहा- पुनर्विचार दायर करने पर होगा विचार

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को सर्वसम्मति के फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि मस्जिद निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ का भूखंड आबंटित किया जाए. अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के […]

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को सर्वसम्मति के फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि मस्जिद निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ का भूखंड आबंटित किया जाए. अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शनिवार को कहा कि वह विवादित जमीन को मंदिर के लिए देने से जुड़े फैसले से असन्तुष्ट है और इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार किया जाएगा.

बोर्ड के सचिव एवं वकील जफरयाब जिलानी ने संवाददाताओं से कहा कि फैसले के कुछ बिंदुओं खासकर जमीन देने की बात से हम अंसतुष्ट हैं. हम विचार करेंगे कि पुनर्विचार याचिका दायर करनी हैं या नहीं. उन्होंने मस्जिद के लिए पांच एकड़ की वैकल्पिक जमीन देने को लेकर कहा कि मस्जिद की कोई कीमत नहीं हो सकती. जिलानी ने कहा कि यह मुकदमा किसी की जीत और हार नहीं है और सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए.

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