राज्यसभा में उठा राफेल का मुद्दा : रूपाला ने कहा – गुजराती होना ही अडाणी-अंबानी का कसूर

नयी द��ल्ली : राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस की एक सदस्य द्वारा केंद्र की किसान फसल बीमा योजना को राफेल से भी बड़ा घोटाला बताये जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि उद्योगपतियों अडाणी एवं अंबानी का कसूर यही है कि वे गुजराती हैं. उच्च सदन में कृषि […]

नयी दिल्ली : राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस की एक सदस्य द्वारा केंद्र की किसान फसल बीमा योजना को राफेल से भी बड़ा घोटाला बताये जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि उद्योगपतियों अडाणी एवं अंबानी का कसूर यही है कि वे गुजराती हैं.

उच्च सदन में कृषि से संबंधित एक निजी संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस की छाया वर्मा ने कहा था कि सरकार की किसान फसल बीमा योजना राफेल से भी बड़ा घोटाला है. बाद में चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रूपाला ने किसानों की फसल बीमा योजना को राफेल से जोड़ने पर कड़ी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा, राफेल के साथ इसको (किसान फसल योजना को) जोड़ने का क्या मतलब है? क्या देश में दो ही उद्योगपति हैं-अडाणी एवं अंबानी. हर चीज में अडाणी-अंबानी. मुझे तो लगता है कि इनका कसूर यही है कि वे गुजराती हैं. हमारे प्रधानमंत्री भी गुजराती हैं. इसी लिए इनको जोड़ दिया जाये.

कृषि राज्य मंत्री ने कहा, राफेल ने अनिल अंबानी को काम दिया है. अंबानी के काम का कुल कांट्रेक्ट 800 करोड़ रुपये है. इसमें आक्षेप लगाया जा रहा है कि अंबानी की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाल दिया गया. भला यह कैसे संभव हो सकता है? उन्होंने कहा, राफेल ने इस देश के 100 लोगों को काम दिया है तो अकेले अंबानी पर सवाल क्यों उठाया जाये? बाकी 99 में पारदर्शिता और अकेले अंबानी के मामले में भ्रष्टाचार, यह कहना कितना सही है? मंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे पर इसलिए जवाब दे रहे हैं क्योंकि सदन के एक सदस्य ने सरकार पर सवाल उठाया है और वह सरकार का हिस्सा हैं. रूपाला ने कहा कि यदि उनकी बात से किसी को दुख पहुंचा है तो वह इसके लिए खेद जताते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >