पंजाब: कैदी की हत्या के पांच साल पुराने मामले में 11 पुलिसकर्मियों सहित 13 को उम्रकैद की सजा

पंजाब: पंजाब के अमृतसर में कैदी के अपहरण और हत्या के एक मामले में 11 पुलिसकर्मियों सहित 13 लोगों को अतिरिक्त सत्र न्यायालय जज संदीप सिंह बाजवा ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सजा पाने वालों में एएसआई बलजीत सिंह भी शामिल है. मारा गया कैदी बिक्रणजीत सिंह हत्या के मामले में सजा काट […]

पंजाब: पंजाब के अमृतसर में कैदी के अपहरण और हत्या के एक मामले में 11 पुलिसकर्मियों सहित 13 लोगों को अतिरिक्त सत्र न्यायालय जज संदीप सिंह बाजवा ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सजा पाने वालों में एएसआई बलजीत सिंह भी शामिल है. मारा गया कैदी बिक्रणजीत सिंह हत्या के मामले में सजा काट रहा था.

बिक्रणजीत सिंह SAD नेता गुरदयाल सिंह समेत 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर देने के मामले में सजायक्ता था. गुरदयाल सिंह तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कांग्रेस के गुरचीत सिंह भुल्लर को चुनाव में हरा दिया था.
साल 2014 का है पूरा मामला
मामला साल 2014 का है. बिक्रणजीत सिंह बीमार पड़ने पर अस्पताल में भर्ती था तभी उसे अपहरण कर लिया गया और यातनाएं दी गयीं.इससे उसी मौत हो गयी. बाद में उसकी लाश पास ही एक नहर से बरामद हुयी थी. पुलिस ने तब कहा था कि, बिक्रणजीत सिंह जेल से फरार हो गया था. लेकिन बिक्रणजीत के भाई ने पुलिस पर अपने भाई के साथ कुछ गलत करने की आशंका जताई जिसके बाद एसआईटी की जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था.
अपहरण और हत्या करने का आरोप
बताया जाता है कि केस के ट्रायल के दौरान बिक्रणजीत ड्रग्स की लत में पड़ गया. पुलिस का कहना है कि वो जानना चाहती थी कि उसे ड्रग्स की सप्लाई किन स्त्रोतों से होती है. इसी दौरान 05 मई 2014 को उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया जहां से पुलिस उसे उठा ले गई पूछताछ के लिए. जांच के दौरान सामने आया कि पुलिस बिक्रमजीत को बटाला ले गयी. आरोप है कि यहां पूछताछ के बहाने उसे इतना टॉर्चर किया गया कि उसकी मौत हो गयी. 06 मई 2014 को पुलिस ने बिक्रमजीत के खिलाफ केस दर्ज किया और आरोप लगाया कि वो पुलिस की कस्टडी से भाग गया.
हालांकि ब्रिक्रणजीत सिंह के भाई दलबीर सिंह ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुये केस दर्ज कराया और एसआईटी ने मामले की जांच की, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ.
इन लोगों को मिली उम्रकैद की सजा
इस मामले में न्यायालय ने इंस्पेक्टर नांरग सिंह, एएसआई गुलशनबीर सिंह और सविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल जगतीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, और लखविंदर सिंह, कांस्टेबल अमरदीप सिंह, मखतूल सिंह, अंग्रेज सिंह, रणबीर सिंह और लखविंदर सिंह, पुलिस मुखबिर जगतार सिंह एलियास कांसी और बाटला स्थित ट्रैक्टर एजेंसी का मालिक दीपराज सिंह को धारा 302 (हत्या), धारा 364 (अपहरण), धारा 342 (गलत तरीके से कैद करने), और धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र रचने) के आरोपों के तहत सजा सुनायी गयी है.

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