पानी की किल्लत से जूझ रही चेन्नई में अब समंदर का पानी बनेगा पीने लायक, सरकार ने उठाया यह कदम

चेन्नई : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने पड़ोस के कांचीपुरम जिले में समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए 1,259 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले संयंत्र का बृहस्पतिवार को शिलान्यास किया. शहर की पेयजल आपूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से यह शहर का तीसरा ऐसा संय‍ंत्र होगा. […]

चेन्नई : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने पड़ोस के कांचीपुरम जिले में समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए 1,259 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले संयंत्र का बृहस्पतिवार को शिलान्यास किया.

शहर की पेयजल आपूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से यह शहर का तीसरा ऐसा संय‍ंत्र होगा. पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार कांचीपुरम जिले के पेरुर में 40 करोड़ लीटर प्रति दिन जलशोधन की क्षमता वाले संयंत्र को स्थापित करने का काम तेजी से कर रही है.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि 15 करोड़ लीटर प्रति दिन जलशोधन की क्षमता वाला एक संयंत्र पड़ोस के जिले के नेम्मेली में लगाया जाएगा और उसे 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा जिससे दक्षिणी चेन्नई के विभिन्न हिस्सों में नौ लाख लोगों को लाभ होगा.

इस पहल की घोषणा दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने 2013 में की थी लेकिन इसको शुरू करने का काम ऐसे समय में हो रहा है जब शहर संभवत: जल संकट के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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