नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं के भाषण को लेकर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. राजनीतिक दलों के धर्म व जाति संबंधित भाषणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिका पर चुनाव आयोग को ये नोटिस जारी किया गया है.
अगर किसी पार्टी के प्रतिनिधि या प्रवक्ता मीडिया में धर्म या जाति से संबंधित टिप्पणी करते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की मांग इस याचिका में की गयी है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अगले सोमवार तक चुनाव आयोग से जवाब मांगा है.
बता दें कि जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है नेता खुल कर धर्म और जाति संबंधित भाषण दे रहे हैं. रविवार को देवबंद में बसपा, सपा, रालोद गठबंधन की पहली चुनावी रैली हुई. उसमें मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर जम कर प्रहार किये थे. उन्होंने मुस्लिमों की काफी संख्या बताते हुए कहा था कि आपकी वोटों में बंटवारे की साजिश रची जायेंगी.
