72 घंटे बाद मलवे से जिंदा निकला, पूछा मेरा चप्पल कहां है

चेन्नईः जाको राखे साइयां मार सके न कोय. इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए एक व्यक्ति 72 घंटे मलवे में बिना कुछ खाये पीये दबे रहने के बाद जिंदा निकला. सोमवार को सुबह नौ बजे चेन्नई में एक 12 मंजिला मकान के गिर जाने से तत्काल एक व्यक्ति मारा गया था तथा कम-से-कम 49 लोग […]

चेन्नईः जाको राखे साइयां मार सके न कोय. इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए एक व्यक्ति 72 घंटे मलवे में बिना कुछ खाये पीये दबे रहने के बाद जिंदा निकला. सोमवार को सुबह नौ बजे चेन्नई में एक 12 मंजिला मकान के गिर जाने से तत्काल एक व्यक्ति मारा गया था तथा कम-से-कम 49 लोग मलवे में दबे थे.

बचाव दल जब मलवे को हटा रहे थे तो आज अचानक कंक्रीट को तोडते हुए फिल्मी अंदाज में एक युवक निकला. वह पीला टी-शर्ट पहना हुआ था. 29 वर्षीय युवक का नाम विकास कुमार है और वह ओडिशा का रहने वाला है. युवक ने बाहर निकलते ही सबसे पहले पूछा " मेरा चप्पल कहां है" ?

राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल(एनडीआरएफ) के कमांडेंट वी के वर्मा ने उनसे कहा कि मैं आपको नयी स्लीपर दूंगा. इसके बाद किसी ने उन्हें पानी का बोतल दिया जिसे उन्होंने एक ही सांस में पूरा गटक लिया. वर्मा ने बताया कि इससे एनडीआरएफ का मनोबल बढ़ेगा.

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